सूरजपुर (वीएनएस)। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गांवों तक पहुंच रही पशु चिकित्सा सेवाएं पशुपालकों के लिए राहत और भरोसे की कहानी लिख रही हैं। जिन दूरस्थ अंचलों में बीमार पशुओं के उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहां अब राज्य शासन की मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां पहुंचकर निःशुल्क उपचार और टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं।
टोल फ्री हेल्पलाइन 1962 से सुलभ हुई यह सेवा पशुधन के संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों की आजीविका को संबल दे रही है। शासन की इस पहल से पशु चिकित्सा सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच सुगम हुई है। मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों के संचालन से पशुपालकों को बीमार पशुओं के उपचार के लिए दूर स्थित पशु चिकित्सालयों तक ले जाने की कठिनाई से राहत मिल रही है।
पशु विभाग द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांवों में पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया जा रहा हैं। शिविरों में उपचार एवं टीकाकरण के साथ कृमिनाशक दवापान, कृत्रिम गर्भाधान तथा आवश्यक औषधियों के वितरण की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक मोबाइल इकाई में पशु चिकित्सक, पैरावेट और चालक-सह-अटेंडेंट नियुक्त हैं। वाहनों में आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मौके पर ही पशुओं को उपचार दिया जा सके।
इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी में अब तक घर पहुंच एवं पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से 809 पशुओं का उपचार और 1210 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। इसके अतिरिक्त 953 पशुओं के लिए औषधि वितरण, 250 नमूनों की जांच, 50 बधियाकरण तथा 8 कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान की गई हैं। इन सेवाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन की देखभाल और रोगों की रोकथाम को गति मिल रही है।
पशुधन विकास विभाग द्वारा पशुपालकों को वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन, संतुलित आहार, पशुओं के उचित रख-रखाव और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी जा रही है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड एवं विभागीय योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन देकर पात्र पशुपालकों को लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पशुओं के उपचार के लिए संचालित टोल फ्री हेल्पलाइन
1962 पशुपालकों और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं के बीच महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। बीमार, घायल अथवा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं की सूचना मिलने पर मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर निःशुल्क चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराती है। समय पर उपचार और नियमित देखभाल की सुविधा पशुधन को स्वस्थ रखने तथा पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत बनाने में सहायक है।
विभाग द्वारा मौसम के अनुरूप आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी जा रही है। पशुपालकों को वर्षा के दौरान पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने, स्वच्छता बनाए रखने तथा संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। आंधी-तूफान के समय पशुओं को पेड़ों के नीचे नहीं बांधने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
राज्य शासन की इस पहल से पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार गांवों तक हो रहा है। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां पशुधन संरक्षण के साथ पशुपालकों को बेहतर देखभाल के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में योगदान दे रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुआँकोंडा में विकासखंड स्तरीय भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता ‘मेरे सपनों का भारत’ क...
खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जारी विज्ञप्ति अनुसार आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिले के समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई दुकानों का सतत् एवं स...
ग्राम पंचायत फूलपाड़, डोगरी पारा की रहने वाली रीना लेखाम एक मेहनती और आत्मनिर्भर महिला हैं। पहले वे घरेलू कार्यों तक ही सीमित थीं, लेकिन महतारी वंद...
सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्व-सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है...
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस सपने को साकार करने में अनेक परिवारों को सहारा दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ...