साबित कुछ कर नहीं पाते,नए नए आरोप लगाते हैं

Posted On:- 2026-11-03




सुनील दास

ऐसे नेता जो साबित कुछ नहीं कर पाते हैं और नए नए आरोप लगाते रहते हैं,वह कभी सफल नेता नहीं माने जाते हैं क्योंकि ऐसे नेता को कोई गंभीरता से नहीं लेता है,सब यही कहते हैं कि यह तो आए दिन आरोप लगाता है लेकिन साबित कुछ नहीं कर पाता है,क्योंकि उसके पास अपने आरोप को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं होता है। ऐसे नेता के आए दिन लगाए जाने वालों आरोपों को जनता भी गंभीरता से नहीं लेती है, वह भी मान लेती है, इसकी तो आरोप लगाने की आदत है,यह आज कुछ आरोप लगा रहा है तो कल को कुछ और आराेप भी लगा सकता है।इस तरह के आचरण से नेता की छबि तो प्रभावित होती ही है, पार्टी को भी ऐसे नेता के कारण राजनीतिक नुकसान होता है। नेता ही भरोसे लायक नहीं होता है तो पार्टी पर भी लोगों का भरोसा ज्यादा नहीं रहता है।नेता की छबि से ही पार्टी की छवि बनती है, नेता की छबि खराब होती है तो पार्टी की छबि भी खराब होती है।
राहुल गांधी कांग्रेस के ऐसे ही नेता हैं,वह आए दिन पीेएम मोदी पर,संवैधानिक संस्थाओं पर नए नए आरोप लगाते रहते हैं लेकिन वह अपने किसी आरोप को आज तक साबित नहीं कर सके है।वह पीएम मोदी को डरपोक,कायर,सरेंडर करने वाला नेता कह चुके हैं, एक बार नही कई बार कह चुके हैं लेकिन साबित कुछ नहीं कर सके क्योंकि उनके पास साबित करने के लिए कोई सबूत था ही नहीं।वह नरेंद्र मोदी को डरपोक पीएम कहते रहे और नरेंद्र मोदी एक के एक बाद स्ट्राइक कर खुद को सबसे बहादुर नेता साबित करते रहे। पाकिस्तान को घर में घुसकर मारने के बाद तो देश की जनता कोई कितना भी कहे पीएम मोदी डरपोक नेता है,जनता मानती नहीं है, जनता तो वही देखती है जो उसे दिखाई देता है और उसे दिखाई दिया है पीएम मोदी एक बहादुर नेता हैं,देश के लिए जीने वाला नेता हैं, वह कभी कुछ गलत नहीं कर सकता।गरीबों से लेकर अमीरों तक के लिए पीएम मोदी ने काम किया है,इसलिए वह सभी के लोकप्रिय नेता हैं।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी की सरकार का मजाक उ़ड़ाया था सूट बूट की सरकार कहकर। जनता ने जरा भी राहुल गांधी की बात पर भरोसा नहीं किया। एक बार उनकी सरकार का काम देखने के बाद जनता उनको दूसरी बार के बाद तीसरी बार भी उनकी सरकार बनाई है। यानी जनता ने तीन बार के चुनाव में साबित कर दिया है कि फिलहाल तो पीएम मोदी पर कोई भी कैसा भी आरोप लगाते रहे जनता उसके साथ है और उसे बदलने वाली नहीं है।हाल ही में जनता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के यह कहने पर कि मोदी क्या मोदी का बाप जाएगा,यह जवाब दिया है कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाएगा। जब जनता खुद कहती है कि मोदी कहीं नहीं जाएगा तो उसका यही मतलब होता है कि जनता पीएम मोदी के साथ है, जनता भाजपा के साथ है जनता राहुल गांधी के साथ नहीं है,जनता कांग्रेस के साथ नहीं है।
राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी व ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व एसआईआर के विरोध में रैली का आयोजन किया और दस लाख लोग आएंगे कहकर यह साबित करने का प्रयास किया कि लोग पीएम मोदी से नाराज हैं, ज्ञानेश कुमार की वोट चोरी से नाराज है, एसआईआर में लोगों के नाम काटे जाने से लोग नाराज हैं।लेकिन दस लाख लोग तो रैली नहीं आए और राहुल गांधी फिर साबित नहीं कर पाए कि देश के लोग पीएम मोदी से नाराज है,वह उनको सत्ता से हटाना चाहते हैं। पचास हजार लोगों के रैली में आने से तो यही साबित हुआ कि राहुल गांधी के साथ देश की जनता नहीं है,राहुल गांधी की बातों पर देश की जनता को यकीन नहीं है। क्योंकि जनता को तो लगता नहीं है कि उसका वोट चोरी हुआ है,वह तो जिसकाे वोट देकर आती है,वही जीतता है।वह तो जानती है कि उसने जिसको वोट दिया है,वही जीता है।
वोट चोरी,एसआईआर में वोट काटने के मामले में राहुल गांधी महीनों के बाद भी कोई सबूत पेश नहीं कर पाए हैं, न तो राष्ट्रपति को सबूत देने गए और न ही सुप्रीम कोर्ट में कोई सबूत अब तक पेश कर पाएं हैं कि देश में हो रहे चुनाव में वोट चोरी हो रही है तो कैसे हो रही है,राम लीला मैदान में भी राहुल गांधी व विपक्ष वोट चोरी का कोई सबूत पेश नहीं कर सका है।राम लीला मैदान की रैली बुरी तरह फ्लाप होने के बाद लोग उम्मीद कर रहे थे कि राहुल गांधी अब कोई नया आरोप लगाएंगे और उन्होंने ऐसा ही किया है पीएम मोदी पर यह आरोप लगाकर कि पीएम मोदी विदेशी मदद से पीएम बने हैं और इसी मदद के सहारे वह पीएम पद पर बने हुए है। राहुल गांधी का यह आरोप तो वोट चोरी से भी ज्यादा अविश्वनीय है क्योंकि देश की जनता बखूबी जानती हैं कि विदेशी ताकतें तो मोदी विरोधी है,वह मोदी को सत्ता से हटाने के लिए देश में राजनीतिक व गैरराजनीतिक संगठनों को अराजकता फैलाने के लिए पैसा देती रहती है और ऐसे संगठन कभी शाहीन बाग,कभी किसान आंदोलन,कभी पेपर लीक,कभी वोट चोरी के नाम पर देश मे अराजकता फैलाने का प्रयास करते रहते हैं और मोदी उनको देश मे अराजकता फैलाने से रोकने में अब तक सफल हैं। 



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