भूपेश सरकार के अहम फैसले

Posted On:- 2022-07-08



भूपेश सरकार ने राज्य हित व जनहित में पहले भी कई अहम फैसले किए हैं। हाल की कैबिनेट की बैठक में जो फैसले किए गए हैं.वह भी राज्यहित व जनहित के लिए अहम कहे जा सकते है,उनकी तारीफ की जा सकती है। कैबिनेट का सबसे अहम फैसला मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए की गई नई व्यव्स्था है। अब मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए आठवी के साथ पहली,चौथी व पांचवी की मार्कशीट जरूरी होगी। सिर्फ आठवी की मार्कशीट के आधार पर अब मूूल निवास प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। पहले व्यवस्था थी कि छत्तीसगढ़ में रहने वाला राज्य में भले न जन्मा हो लेकिन उसने यहां आठवीं की शिक्षा प्राप्त की है तो आठवीं की मार्कशीट के आधार पर उसका मूलनिवास प्रमा्णपत्र बन जाता था। इस,में विसंगति यह थी कि उसका जन्म ही छत्तीसगढ़ मे नहीं हुआ लेकिन उसे छत्तीसगढ़ का निवासी मान लिया जाता था। इस खामी के कारण राज्य के मूल निवासियों को ही कई तरह की सुविधाएं नहीं मिलती थी,जबकि बाहर से यहां आए लोग उसका फायदा ज्यादा उठा रहे थे। इससे छत्तीसगढ़ के लोगों में नाराजगी थी कि छत्तीसगढ़ के लोगों को यहां की सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य के कुछ सगंठन इस नाराजकी का फायदा उठाकर छत्तीसगढिय़ा बनाम परदेशिया के नाम आपसी वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे थे। वह खुद ही यह तय कर रहे थे कि राज्य में कौन छत्तीसगढिया है तथा कौन छत्तीसगढिय़ा नहीं है। ऐसे में जरूरत इस बात की थी कि सरकार स्पष्ट करती कौन छत्तीसगढिया है तथा कौन नहीं हैै। सरकार के ताजा फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढिय़ा कौन है, बाहरी कौन है। अब यहां की सरकारी सुविधाओं का जो लाभ छत्तीसगढिय़ा लोगों को मिलना चाहिए,वह आसानी से मिल सकेगा।सरकार भी छत्तीसगढिया लोगों के लिए अलग से यौजनाएं बना सकेंगी,उनका लाभ उन तक पहुंचा सकेंगी। अब कोई संगठन कौन छत्तीसगढिया और कौन परदेशिया इस आधार राज्य में माहौल खराब नहीं कर सकेगा।सरकार का दूसरा अहम फैसला राज्य में पेसा कानून लागू करना है।इससे ग्राम सभा को ज्यादा अधिकारी मिलेंगे। वह ज्यादा अधिकार मिलने पर आसानी से गांव के हित में आसानी से और जल्दी फैसले कर सकेगी। न्याय का अधिकार ग्रामसभा को मिलने से बहुत से छोटे मामलों को गांव में निपटाया जा सकेगा। ग्ग्रामसभा आदिवासियों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा। बकी वर्गों को भी आबादी केहिसाब से प्रतिनिधित्व मिलेगा। ग्रामसभा लोकतंत्र की सबसे छोटी ईकाई है, वह मजबूत होगी तो निचले स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा। कैबिनेट का एक अहम फैसला अरहर,मूंग व उड़द की खरीगी समर्थन मूल्य पर करने का है। इससे राज्य में तिलहन व दलहन की खेती को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए राज्य में धान का रकबा पांच लाख हेक्टेयर कम किया गया है। ज्ञात हो कि राज्य के किसान सबसे ज्यादा खेती धान की करते हैं क्योंकि धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर होती है। इससे ज्यादा पैसा किसानों को मिलता है। अरहर,मूंग व उड़द की समर्र्थन मूल्य पर ्रखरीदी होगी तो धान की तरह दलहन व तिलहन की खेती भी ज्यादा होगी। इससे राज्य के किसान आर्थिक रूप से मजबत होंगे तथा यहां तिलहन व दलहन की कोई कमी नहीं होगी। बदलते वक्त के हिसाब से ईवी नीति बनाना सरकार की दूरदर्शिता है, जरूरत ईवी को बढ़ावा देने की है क्योकि आनेवाला समय ईवी का है। इससे राज्य में प्रदूषण कम होगा तथा लोगों को रोजगार मिलेगा। लोगों का आवागम का सस्ता साधन मिलेगा। ध्वनि प्रदूषण भी कम होगा। राज्य का वातावरण सुधरेगा,प्रदूषण होनेवाली बीमारियां नहीं होगी। लोग ज्यादा समय तक जींएंगे।