राष्ट्रसंत श्रीललितप्रभ का भव्य चातुर्मासिक नगर प्रवेश 10 को

Posted On:- 2022-07-09



एमजी रोड़ स्थित दादावाड़ी से निकलेगी विराट सत्संग शोभायात्रा

रायपुर (वीएनएस)। राष्ट्र-संत महोपाध्याय ललितप्रभ सागरजी महाराज एवं डॉ. मुनि शांतिप्रिय सागरजी महाराज का 10 जुलाई, रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी पुण्यधरा रायपुर में भव्य चातुर्मासिक नगर-प्रवेश होगा। प्रवेश समारोह के साथ ही बूढ़ापारा स्थित आउटडोर स्टेडियम मैदान में 10 जुलाई से 31 अगस्त तक लगातार 52 दिनों तक दिव्य सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों की गंगा-यमुना बहेगी। संतगण इस सत्संगमाला के जरिए जन-मानस को जीवन-निर्माण तथा व्यक्तित्व-विकास के बेहतरीन गुर सिखाएंगे। राष्ट्र-संतों की दिव्य साधना, ओजस्वी वाणी और महान चिंतन उनकी सैकड़ों किताबों और हजारों वीडियो के जरिए पूरे देश में फैला हुआ है।

सर्वधर्म सद्भाव की जागेगी अलख ऋषभदेव जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय भंसाली और ट्रस्टीगण राजेंद्र गोलेछा एवं उज्जवल झाबक ने बताया कि संतजन पूरे छत्तीसगढ़ वासियों के कई वर्षों से लगातार चल रहे आग्रह पर रायपुर में चातुर्मास कर रहे हैं। अब तक देश के 21 राज्यों के लाखों लोग इन राष्ट्र-संतों के प्रभावी प्रवचनों का लाभ उठा चुके हैं। सर्वधर्म सद्भाव से जुड़े इन राष्ट्र-संतों के प्रवचनों में छत्तीस कौम की जनता उमड़ती है और ये हर विषय पर प्रवचन देते हैं। ये राष्ट्र-संत पहली बार रायपुर में चातुर्मास करके पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रेम, शांति, अहिंसा और भाईचारा के बीज बोएंगे। राष्ट्र-संतों का यहां चातुर्मास होना उपजाऊ भूमि में सावन का काम करेगा।

भव्य सत्संग शोभायात्रा निकलेगी दिव्य चातुर्मास समिति के अध्यक्ष तिलोकचंद बरड़िया एवं महासचिव पारस पारख व प्रशांत तालेड़ा के अनुसार राष्ट्रसंतों का चातुर्मासिक प्रवेश 10 जुलाई रविवार को होगा। इस अवसर पर एमजी रोड स्थित दादावाड़ी से प्रात: 8.00 बजे बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम मैदान के लिए भव्य सत्संग शोभायात्रा निकलेगी जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई 9.15 बजे प्रवचन पांडाल पहुंचेगी। शोभायात्रा के साथ ही संतजनों के सम्मान में मंगल कलश-यात्रा, बाइक रैली, 108 फिट का पंचरंगी ध्वज, जीवन निर्माण की प्रेरणा देने वाली झंडियां, धार्मिक झांकियां, रंग-बिरंगी वेशभूषा में अनेक महिला मंडल, पायलट बाइक्स, अश्व, ऊंट, खैरागढ़ फोक डांस, लाभार्थी परिवार का रथ, पंथी नृत्य, छतरी नृत्य, गरबा, आदिवासी नृत्य, कलश, अष्ट मंगल, मोटिवेशनल कोटेशन के साथ कॉलेज और विद्यालय की बालक-बालिकाएं चलेंगी। शोभायात्रा के पीछे-पीछे चार सफाई वाली आॅटो कचरा समेटने की बोरी सहित चलेंगी। मैदान पहुँचने पर संतजनों के अभिनंदन के साथ 52 दिवसीय प्रवचनमाला का शुभारंभ होगा।

36 कौमों के श्रद्धालुओं के बीच राष्टÑसंत घोलेंगे धार्मिक समरसता राष्ट्रसंत जितना मिठास से जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं उतना ही अपने जीवन में प्रेम और मिठास को घोले रखते हैं। पूरे देशभर में लगभग चालीस हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर चुके इन राष्ट्र-संतों की संस्कार-निर्माण, व्यक्तित्व-विकास और जीवन-मूल्यों पर दी गई प्रेरणाएँ जनमानस में नई ऊर्जा का संचार करेंगी। अपनी प्रभावी प्रवचन शैली के लिए पूरे देशभर में लोकप्रिय इन राष्ट्र-संतों के जीवन और व्यवहार में धार्मिक समरसता की अद्भुत शक्ति है। देशभर में छत्तीस कौम के लोग इन संतों से जुड़े हुए हैं। वे आउटडोर स्टेडियम में आयोजित हो रही सत्संगमाला में विशेष रूप से धार्मिक समरसता घोलेंगे।

स्वागत समिति में हर पंथ व कौम के नागरिक 10 जुलाई, रविवार से शुरू होने वाले 52 दिवसीय विराट प्रवचनमाला के लिए स्टेडियम में वाटर-पू्रफ पांडाल तैयार हो चुका है। लगभग 10 हजारश्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पांडाल में सभी श्रद्धालु समान भाव से बैठेंगे एवं प्रवचन में समय की पूर्ण पाबंदी रखी जाएगी। चातुर्मास समिति द्वारा सत्संग में छत्तीस कौम के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। संतों के सम्मान में नगर के गणमान्य नागरिकों की स्वागत समिति बनाई गई है, जिसमें हर पंथ-कौम-परम्परा के नागरिकों को सम्मिलित किया गया है।

8 सप्ताहों में दिए जाएंगे जीवन जीने की कला के सूत्र दिव्य चातुर्मास समिति के अमित मुणोत व कमल भंसाली के अनुसार इस विराट प्रवचनमाला को 8 सप्ताह में बाँटा गया है जिसमें जीवन-निर्माण, व्यक्तित्व-निर्माण, स्वास्थ्य-सुधार, पारिवारिक प्रेम, कॅरियर, धर्म, अध्यात्म और समाज-निर्माण से जुड़े विषयों पर संतगण प्रवचन देंगे। 10 जुलाई को सत्संगमाला का शुभारंभ करते हुए वे सर्वप्रथम पहला पैगाम रायपुर के नाम विषय पर प्रवचन देंगे। सत्संगमाला में सर्वप्रथम जीवन-निर्माण सप्ताह होगा जिसके अंतर्गत 11 जुलाई को ‘1 घंटे में सीखें जीने की कला’ पर प्रवचन होगा। 12 को ‘क्या करें कि चातुर्मास हो जाए धन्य’ विषय पर विशेष संबोधन होगा। 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव का विराट आयोजन होगा जिसमें देशभर से गुरु भक्त रायपुर पहुंचेंगे। इस अवसर पर ‘गुरु ही बचाएँगे गुुरु ही पार लगाएँगे’ विषय पर शानदार सत्संग होगा। वे 14 को ‘ कैसे बोलें कि सब हमें चाहें,’ 15 को ‘व्यवहार कुशलता लाएगी सफलता’ पर प्रवचन देंगे। 16 को ‘बुरी आदतों को अच्छी आदतों में कैसे बदलें’ पर विशेष आयोजन होगा। 17 जुलाई रविवार को वे ‘क्रोध का अंत कैसे करें तुरंत’ पर विशेष प्रवचन देंगे।

चातुर्मास में - युवा पीढ़ी को मिलेंगे सफलता के टिप्स प्रवचनमाला का दूसरा सप्ताह विशेषकर युवा पीढ़ी को समर्पित रहेगा जिसमें पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, लाइफ मैनेजमेंट, पॉजिटिव थिंकिंग के गुर देते हुए संत प्रवर धनवान बनने का तरीका, जीवन में आगे बढ़ने की तीन फैक्ट्रियों का रहस्य, किस्मत के बंद तालों को खोलने की कला सिखाएंगे।

व्यसन-मुक्ति के लिए चलेगा विशेष अभियान संत प्रवर स्वास्थ्य सप्ताह के अंतर्गत चिंता और तनावमुक्त जीवन जीने के टिप्स, कैसा करें आहार कि स्वस्थ रहे परिवार, मन की शांति पाने के मंत्र देने के साथ आरोग्य के लिए योग और ध्यान के विशेष प्रयोग सिखाएंगे और व्यसनमुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाएंगे जिससे प्रेरित होकर हजारों लोग एक साथ संकल्प लेकर सब तरह के नशे का त्याग करेंगे।

परिवारों में प्रेम और माधुर्य घोलने के लिए होगा परिवार सप्ताह संत प्रवर परिवार सप्ताह के अंतर्गत घर को स्वर्ग बनाने के लिए मंत्र देंगे। मित्र किसे बनाएं, परिवार में खुशहाली कैसे लाएं, बच्चों को संस्कार कैसे सिखाएं, अंदर का टैलेंट कैसे जगाएं, बुढ़ापे को कैसे सुखी और सार्थक बनाएं जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देते हुए देशभर में चर्चित सोचो अगर मां न होती... विषय पर 7 अगस्त रविवार को अद्भुत प्रवचन देंगे।

देश की सबसे बड़ी राखी का होगा विमोचन- धर्म सप्ताह के अंतर्गत नए युग में किस धर्म को जिएं, नवकार मंत्र का जाप कैसे करें, समाज में एकता लाने के लिए क्या करें, प्रार्थना से कैसे होते हैं चमत्कार और दुनिया के सारे धर्मों का रहस्य समझाते हुए 11 अगस्त को रक्षाबंधन का महान पर्व मनाया जाएगा। जिसमें देश की सबसे बड़ी राखी का पांडाल में विमोचन किया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस पर होगी विशेष प्रस्तुति - 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर विशेष समारोह होगा जिसमें देश के नाम पैगाम दिया जाएगा और स्टेडियम में तिरंगा फहराया जाएगा।

ज्ञान की वृद्धि के लिए होगा सरस्वती महापूजन- हमारे जीवन में सद्बुद्धि के विकास के लिए और मां भगवती सरस्वती की कृपा पाने के लिए 21 अगस्त को सरस्वती महापूजन का विराट और विशेष आयोजन होगा जिसमें हजारों लोग एक साथ पूजा के वस्त्रों में मां की अष्टप्रकारी पूजा करते हुए 51 क्विंटल चावल का स्वस्तिक मां को समर्पित करेंगे।

सत्संगमाला का सातवाँ सप्ताह रायपुर नगर के लिए धार्मिक, सामाजिक व राष्ट्रीय समरसता से भरा हुआ अद्भुत वातावरण लेकर आयेगा जिसमें भगवान श्रीमहावीर, भगवान श्रीकृष्ण, आगम, गीता जैसे महापुरुषों और शास्त्रों पर विशेष प्रवचन और आध्यात्मिक रहस्यों से जुड़े हुए विशेष सत्संग का आयोजन होगा।

पर्यूषण पर्व महोत्सव का होगा अद्भुत आयोजन - अंतिम सप्ताह आराधना सप्ताह में 24 अगस्त से 31 अगस्त तक पर्युषण पर्व महोत्सव का आयोजन होगा। इस पर्व में संतगण कल्पसूत्र व अंतगड़सूत्र आगमों पर अपने विशेष प्रवचन देंगे। साथ ही भगवान महावीर के जन्म वाचन महोत्सव और पालना झूलाने का अद्भुत समारोह आयोजित होगा।

चातुर्मास में शहर की सभी कॉलोनियों में जाएंगे संत और चलायेंगे जीवन सुधार का अभियान - आउटडोर स्टेडियम की प्रवचन माला पूर्ण होने के बाद संत गण शहर की हर एक कॉलोनी में जाकर जीवन सुधार का अभियान चलाएंगे और स्कूल, कॉलेज व कारागार में भी प्रवचन करके संस्कार निर्माण की अलख जगायेंगे।

संस्कार निर्माण के लिए होंगे बच्चों के शिविर व संबोधि साधना शिविर का होगा राष्ट्रीय आयोजन संत प्रवर दादाबाड़ी में संस्कार निर्माण और व्यक्तित्व विकास के लिए बच्चों व युवाओं के विशेष शिविर आयोजित करवाएंगे और साथ ही ध्यान और अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को जानने के लिए और आध्यात्मिक शक्तियों के जागरण के लिए संबोधित ध्यान योग का राष्ट्रीय शिविर आयोजित करवाएंगे। संतों का 4 महीने का प्रवास दादाबाड़ी में रहेगा। ऋषभदेव जैन मंदिर ट्रस्ट और दिव्य चातुर्मास समिति ने छत्तीसगढ़ के समस्त श्रद्धालु भाई-बहनों को चातुर्मास में होने वाले प्रवेश समारोह के साथ हर कार्यक्रम में भाग लेने का अनुरोध किया है।