भिलाई (वीएनएस)। छत्तीसगढ़ की लौह नगरी भिलाई के लिए 3 जुलाई का दिन मानों तबाही लेकर आया। भिलाई में जन्में सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके परिजनों को मिली खबर आग की तरग पूरे देश में फ़ैल गई। शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय मणिपुर के नोनी जिले में हुए भयावह भू स्खलन की चपेट में आने से शहीद हो गए। रविवार को रेस्क्यू के दौरान उनका पार्थिव शरीर सेना को बरामद हुआ था। शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय के परिजन उनके अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली गए हुए थे। दिल्ली के कैंट स्थित बरार स्क्वायर मुक्तिधाम में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ 4 जुलाई को उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद उनके परिजनों ने 6 जुलाई को अस्थि विसर्जन हरिद्वार में किया। अब उनका परिवार सोमवार को भिलाई लौट रहा हैं। उनकी पत्नी छवि पांडेय, माता कुसुम पांडेय, बहन भावना पांडेय, बहन कंचन अग्रवाल, जीजा प्रदीप अग्रवाल, सास सुमन अरोरा, शहीद कपिल के दोनों पुत्र अभिराज और अबीर कल दोपहर पौने 2 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
शहीद भिलाई के जाबांज लेफ्टिनेंट कर्नल के परिवार को रिसीव करने कल जिले से अनेक लोग रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और परिजनों के साथ नेहरू नगर (पूर्व) भिलाई स्थित शहीद कपिल के निवास आएंगे। अंतिम संस्कार पश्चात श्रद्धांजलि सभा सहित बाकी के कार्यक्रम भिलाई में ही संपन्न होंगे।
उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर 1979 को भिलाई में जन्मे लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव का देश की सेवा करना बचपन से ही स्वप्न था। उन्होंने स्कूल लेवल से ही तैयारी शुरू कर दी थी। प्रारंभिक शिक्षा सेक्टर-10 सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई। आर्मी में जाना था इसलिए उन्होंने एनसीसी ज्वाइन किया। इसके बाद सीडीएस की परीक्षा पास की। आर्मी ड्यूटी के दौरान कपिल ने केदारनाथ जैसे कई जगहों पर प्राकृतिक आपदा में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए। इंफाल में भी वो रेलवे ट्रैक बिछाए जाने के लिए बनाए गए आर्मी कैंप को लीड कर रहे थे। लैंड स्लाइड में लापता होने की घटना के बाद से पूरा परिवार परेशान रहा। भिलाई के इस लाल की शहादत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। दिल्ली में अंतिम संस्कार पश्चात परिजनों को ढांढस देने कल भिलाई दुर्ग से अनेक लोग उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचेंगे।