शहर जितना बड़ा होता जाता है,आदमी उतना ही असुरक्षित होता जाता है। घर से बाहर निकलते हुए डरता है। घर लौटते हुए डरता है। उसे हर वक्त डर लगा रहता है, उसके साथ कुछ हो न जाए। ऐसा भी नहीं है कि राज्य में सरकार नहीं है. पुलिस नहीं है। सब है, इसके बाद आदमी खुद को सुरक्षित नहीं समझता है, यही तो इस समय की सबसे बड़ी त्रासदी है। सरकार है लकिन उसे जनता की जान की कोई फिक्र नहीं है। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस है लेकिन जनता खुद को असुरक्षित समझती है। क्योंकि अपराधी बेखौफ है, उन्हें पुलिस का कोई खौफ नहीं है। आप घर से निकले तो कोई भी आपको कहीं भी शराब पीने के लिए पैसा मांग सकता है, पैसा नहीं देने पर मोबाइल छीना जा सकता है.आपके साथ मारपीट की जा सकती है।आप को मारपीट कर घायल कर सड़क पर छोड़ दिया तो आप का नसीब अच्छा है। आप अपने घर के पास मोबाइल पर बात कर रहे हैं तो कोई कभी भी बाइक पर आ सकता है और आपका मोबाइल छीन कर भाग सकता है। राझधानी मेें आपके पास पैसा है या मोबाइल है तो आपकी जान खतरे में है।इसी वजह सेआपकी जान कोई भी ले सकता है। शहर के आउटर इस मामले में सबसे खतरनाक स्थान है। आप आऊटर से जा रहे है ंतो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आप घर सुरक्षित पहुंच सकते हैं, जो लोग रात को सुरक्षित पहुंच जाते हैं,.उनकी किस्मत अच्छी होती है.आपके घर वालों की किस्मत अच्छी है। कई लोगों की किस्मत अच्छी नहीं होती है। वह आफिस से तो सुरक्षित निकलते हैंलेकिन सुरक्षित घर नहीं पहुंच पाते हैं। सुरक्षा गाड दुखितरा साहू की किस्मत अच्छी नही थी। वह अपना काम कर घर लौट रहा था तो रास्त में उसे चार लोगों ने रोका और पैसों की मांग की। गार्ड के पास पैसा तो हो नहीं सकता था मोबाइल था तो वही लूटने लगे।वह उनसे बचने के लिए भागा तो लुटेरों ने चाकू मार कर उसका मोबाइल लूट लिया। चाकू के वार से बुरी तरह घायल सुरक्षा गार्ड की इलाज के दौरान मौत हो गई। अगर कोई कहेगा कि राजधानी में कानून वय्वस्था का बुरा हाल है तो सरकार यकीन नहीं करती है, पुलिस को भरोसा नहीं होता है कि उसके रहते कोई राजधानी में कैसे असुरक्षित हो सकता है। पुलिस को जो काम करना चाहिए वह सब पुलिस तो करती है। चाकूबाजों को पकड़ती है, चाकू जब्त करती है कि कोई चाकूबाजी न करे। कोई चाकू मारकर किसी की हत्या न करे, इसके लिए पुलिस बहुत मेहनत करती ह ै लेकिन अपराधियों में पुलिस का खौफ ही नहीं है इसलिए हर सप्ताह दस दिनमें बदमाश चाकू मारकर किसी की ह्त्या कर देते हैं। पुलिस की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। पुलिस की अपनी समस्या है। शहर की आबादी बढ़ रही है,थानों की संख्या बढ़ी है,पुलिस का स्टाफ भी बढ़ा है लेकिन वह आबादी के हिसाब से नहीं बढ़ा है। एक पुलिस वाले पर सैकड़ों लोगों की रक्षा का दायित्व है। नहीं कर सकता लेकिन उसे करना है। कैसे करना है यह उसकी समस्या है। सरकार का काम राज्य के लोगोंकी जानोमाल की रक्षा करना। सरकार ने यह काम पुलिस को सौंप दिया है। इतने बड़ा शहर व राज्य में यदि कहीं रोज एक दो हत्या,लूट की वारदात हो जाती है तो यह कौन सेी बड़ी समस्या है।इससे राज्य व राजथानी के लोगों को नहीं डरना चाहिए। कांग्रेस से सवाल करोगे तो प्रवक्ता बता देंगे कि इससे ज्यादा अपराध रमनसिंह के समय होते थे। इससे ज्यादा अपराध देश में होते हैं। वह आंकड़ो से साबित कर देंगे कि आप रमन सिंह व मोदी सरकार की तुलना में छत्तीसगढ़ में ज्यााद सुरक्षित हो। आप एक की हत्या होने पर अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हो तो यह आपकी गलती है, आपकी कमजोरी है। आपको अपनी कमजोरी दूर करनी चाहिए।