नई दिल्ली (वीएनएस)। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह समय अच्छा नहीं चल रहा है और महंगाई और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी समस्याओं ने इसकी कमर तोड़ रखी है।शेयर बाजार में भी पिछले कुछ महीने से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और इस साल अब तक निवेशकों के 20 लाख करोड़ डॉलर यानि लगभग 1,600 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं।आगे भी निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और ये गिरावट जारी रह सकती है।
इस साल वैश्विक बाजार में निवेशकों को हुआ नुकसान कितना अधिक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से लगभग छह गुना अधिक है। भारत की GDP 3.2 लाख करोड़ डॉलर है।इसके अलावा निवेशकों को हुआ यह नुकसान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिकी की GDP (23 लाख करोड़ डॉलर) के लगभग बराबर है और 100 लाख करोड़ डॉलर की वैश्विक GDP का 20 प्रतिशत है।
तमाम विश्लेषणों और विशेषज्ञों की मानें तो निवेशकों का नुकसान यही नहीं थमने वाला है और वैश्विक मंदी की आशंका के चलते आने वाले महीनों में दुनियाभर के शेयर बाजार और नीचे गिर सकते हैं।अर्थशास्त्रियों ने यूक्रेन में हो रहे युद्ध और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए बढ़ाई जा रही ब्याज की दरों के कारण अमेरिका और यूरोप में आर्थिक मंदी आने की आशंका जताई है। इसके वैश्विक मंदी का स्वरूप लेने की पूरी संभावना है।