गौठानों में गोबर क्रेता व विक्रेता को सक्रिय करने की आवश्यकता : जिपं सीईओ

Posted On:- 2022-07-11



  सूरजपुर (वीएनएस)। कलेक्टर आरा के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ लीना कोसम ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में गोधन न्याय की योजना की समीक्षा बैठक ली। बैठक में नरवा, गरुआ, घुरवा, बाड़ी तथा गोधन न्याय योजना को शासन की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा गया कि इस योजना के क्रियान्यवन में सभी संबंधित विभागों को पूरी गंभीरता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की ओर से ग्रामीणों की आय को बढ़ाने के लिए प्रारंभ की गई इस योजना के तहत शत-प्रतिशत गोठानों में गोबर खरीदी करने पर जोर दिया गया। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर अन्य राज्यों की ओर से प्रारंभ की गई गोबर खरीदी की योजना को देखते हुए इसके महत्व को बताया गया। जिला सीईओ ने जिले समस्त कृषि विस्तार अधिकारियों को प्रतिदिन आॅनलाइन जानकारी अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय का मूल कार्य कृषि विभाग का है। उन्होंने जिले के समस्त एसएडीओं को पखवाड़ा समाप्त होते ही गौठानों की सम्पूर्ण जानकारी आॅनलाइन करने कहा। गौठानों में गोबर खरीदी, उसकी गुणवक्ता तथा गौठानों में सक्रिय गोबर खरीदी व बेचने वालो की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले के समस्त गौठानों में जितने भी मल्टीएक्टीवी कार्य चल रहे है। उनकी जानकारी आॅनलाइन करने के निर्देश देते हुए कहा कि आप कितना भी कार्य कर ले जब तक आपकी आॅनलाइन एन्ट्री नहीं होगी आपके कार्य प्रगति नहीं दिखाई देगी, इसलिए सभी लोग जानकारी अवश्य अद्यतनक करें। उन्होंने समस्त गौठानों में 30 क्विंटल से अधिक गोबर खरीदी लक्ष्य पूर्ण करने कहा। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा रोका छेका के संबंध में भी चर्चा की गई और सुरक्षित कृषि के लिए मवेशियों को खुला नहीं छोड़ने के लिए सभी ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए सभी गांवों में अनिवार्य रूप से मुनादी करने को कहा गया। सूरजपुर में पशुओं की देखरेख के लिए चरवाहे रखने की पुरानी परंपरा को फिर से जीवित पर जोर दिया गया। गौठानों में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया। गौठानों में अनिवार्य रुप से गोबर की खरीदी करने के साथ ही पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। सभी गौठानों में पखवाड़ावार जानकारी अद्यतन करने के निर्देश दिए। जिससे पशुओं का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान आदि कार्य सुगमता पूर्वक किया जा सके। बैठक में समस्त जनपद सीईओ, उप संचालक कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, उप संचालक पशु विभाग, वन विभाग, समस्त प्रोग्राम अधिकारी, समस्त आरईओ, समस्त एसएडीओ सहित जिला पंचायत के अधिकारी, कमर्चारी उपस्थित रहे।