ई-गवर्नेंस के तहत जिले के भू-अभिलेख रिकॉर्ड का हो रहा डिजिटलाइजेशन

Posted On:- 2025-04-22




रिकार्डों के डिजिटलाइजेशन के लिए पीएम अवार्ड के लिए जिले का हुआ चयन

दंतेवाड़ा (वीएनएस)। राज्य शासन की मंशा अनुसार आमजनों की सुविधा के दृष्टि से सभी विभागों को ई-गवर्नेंस प्रणाली के तहत बहुउद्देश्यीय बनाने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। इस क्रम जिले में भी भू-दस्तावेजों के डिजिटलाइजेषन की प्रक्रिया हेतु विशेष पहल की जा रही है। 

पूर्व समय में लोगों को अपने भू-अभिलेख की प्रतियां जैसे स्वामित्व अभिलेख, पंजीकरण, कैडस्ट्रल मानचित्र, बी-1, फॉर्म ए, प्लॉट रजिस्टर, फॉर्म सी (अधिकारों का अभिलेख), संशोधन, नामांकन, मानचित्र अभिलेख, मानचित्र स्वामित्व अभिलेख, मानचित्र स्केच, मानचित्र पूर्णता प्रमाणपत्र, मानचित्र पुनः क्रमांक दस्तावेज, मानचित्र स्वामित्व प्रमाणपत्र, मानचित्र अंतिम सत्यापन दस्तावेज आदि प्राप्त करने में बहुत सारा वक्त, संसाधन, और ऊर्जा खपानी पड़ती थी। परन्तु अब कुछ ही क्षणों में भू अभिलेख कार्यालय अथवा किओस्क सेंटरों से लोगों को अपने भू-दस्तावेज की नकल या प्रति प्राप्त हो सकेगी। जो दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों के लिए बेहद राहत का सबब होगा। इसके लिए सिर्फ उन्हें अपना नाम और खसरा नम्बर, देना होगा। और उनके भू-अभिलेख से संबंधित सभी डाटा, नक्षा, स्वामित्व प्रमाण पत्र, इत्यादि सिस्टम में उल्लेखित हो जाएगें।

 भू-दस्तावेजों को डिजिटल प्लेटफार्म में उपलब्ध कराना राजस्व विभाग को सशक्त एवं सुव्यस्थित बनाने वाला क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल लोगों के समय और संसाधनों की बचत होगी अपितु प्रशासनिक दृष्टिकोण से विकास के लक्ष्यों को गति देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इसके पूर्व भूमि रिकार्ड को सुरक्षित रखना और उन्हें विनष्टीकरण से बचाना राजस्व विभाग के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहा है। साथ ही लोगों को अपने भू-अभिलेख प्राप्त करने हेतु आवेदन देने, उन्हें स्थापित करने जैसे विभिन्न प्रशासनिक औपचारिकताओं, नियमों के चलते कम से कम सप्ताह भर का समय लगता था। परन्तु अब इस पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक डिजिटलाइजेशन के चलते लोग परेशानी से बचेगें। इसके अलावा भू-दस्तावेजों में अनाधिकृत फेरबदल जैसी घटनाओं की भी कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। 

उल्लेखनीय है कि इस परिप्रेक्ष्य में ई-गवर्नेंस के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिले में किए गए भू-डिजिटलाइजेशन के उत्कृष्ट कार्य के चलते पीएम अवार्ड हेतु जिले का चयन किया गया है। इस संदर्भ में नई दिल्ली से इन कार्यो का निरीक्षण करने हेतु टीम का आगमन हुआ था। इस दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा टीम को जिले में किए जा रहे भू-अभिलेख की डिजिटलाइजेशन करने की विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा, दिल्ली से आए अंडर सेक्रेटरी सन्तोष कुमार गोड, रोहतास मीना, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, तहसीलदार विनीत सिहं, भू-अभिलेख अधीक्षक गोवर्धन साहू उपस्थित थे।



Related News
thumb

सुशासन तिहार: 509 समस्याओं का 'ऑन द स्पॉट' निपटारा

अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने और जनता की समस्याओं को उनके घर के पास ही सुलझाने का महाअभियान 'सुशासन तिहार 2026' लगातार सफलता के नए कीर्त...


thumb

अबूझमाड़ के घने जंगल से निकलकर शहर तक पहुंची 'वय वंदना योजना'

अदम्य इच्छाशक्ति, सेवा का अटूट संकल्प और दुर्गम पहाड़ियों को लांघने का जज्बा हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं रह जाता। नारायणपुर जिले के स्वास्थ्...


thumb

सुशासन तिहार बना वरदान: एक छत के नीचे 603 समस्याओं का निराकरण

राज्य सरकार की 'सुशासन' की परिकल्पना धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत राजपुर में धरातल पर साकार होती दिखाई दी।


thumb

जीपीएम के पहले नगरीय जन समस्या निवारण शिविर में उमड़ी भीड़

सुशासन तिहार के अंतर्गत गौरेला-पेण्ड्रा- मरवाही जिले के नगरीय क्षेत्र में पहला जन समस्या निवारण शिविर पेण्ड्रा स्थित मल्टी परपज स्कूल के असेम्बली ह...


thumb

अवैध शराब बिक्री पर ढिलाई पड़ी भारी, टीआई दीपेश जायसवाल निलंबित

अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने और संदिग्ध आचरण के आरोप में गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर ...


thumb

फर्जी निवास प्रमाणपत्र रैकेट का भंडाफोड़, CRPF जवान समेत गिरोह के क...

छत्तीसगढ़ में फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्थानीय निवास प्रमाणपत्र बनवाकर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है।