बीजापुर (वीएनएस)। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत पुनर्वास केंद्र बीजापुर में साक्षरता केंद्र का तीसरा बैच आज से प्रारंभ किया गया। इस बैच में कुल 92 आत्मसमर्पित नक्सली असाक्षर साक्षर बनने की दिशा में अध्ययन करेंगे।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव लखनलाल धनेलिया, जिला परियोजना अधिकारी, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कमलदास झाड़ी, नोडल अधिकारी बसमैया अंगनपल्ली एवं कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित शिक्षार्थियों को पढ़ाई के महत्व के बारे में जानकारी दी। जिला परियोजना अधिकारी झाड़ी ने स्थानीय गोंडी बोली में सरल शब्दों में साक्षरता के लाभों को समझायाए जिससे शिक्षार्थियों को विषयवस्तु को समझने में आसानी हुई। इस अवसर पर सभी असाक्षर शिक्षार्थियों को उल्लास प्रवेशिका, कार्य-पुस्तिका एवं पेन प्रदान किए गए। अधिकारियों ने शिक्षार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है।
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