बलरामपुर (वीएनएस)। जिले के हंसपुर गांव में कथित पिटाई के बाद एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रशासन ने कुसमी एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
अवैध उत्खनन की जांच के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात राजस्व विभाग की टीम अवैध बॉक्साइट उत्खनन की सूचना पर हंसपुर गांव पहुंची थी। टीम में एसडीएम, नायब तहसीलदार और कुछ स्थानीय युवक शामिल थे। इसी दौरान राम नरेश राम (60), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) नामक ग्रामीणों से कथित रूप से विवाद हो गया।
ग्रामीणों का आरोप—लाठी-डंडों से पिटाई
घायल ग्रामीणों का आरोप है कि वे खेत की सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की और फिर लाठी-डंडों व लात-घूंसों से मारपीट की। आरोप है कि तीनों को जबरन वाहन में बैठाकर कुसमी ले जाया गया, जहां रास्ते में राम नरेश राम की हालत बिगड़ गई।
अस्पताल में मौत, दो घायल
तीनों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उपचार के दौरान राम नरेश राम की मौत हो गई। अजीत उरांव और आकाश अगरिया का इलाज जारी है। घटना के बाद अस्पताल और थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम करूण डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा और अन्य संबंधित लोगों को हिरासत में लिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी जांच के लिए मौके पर पहुंचे हैं। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध उत्खनन और ब्लैकमेलिंग की सूचना
सूत्रों के अनुसार, गांव में अवैध बॉक्साइट उत्खनन और ट्रक पकड़कर कथित ब्लैकमेलिंग की सूचना पर टीम वहां पहुंची थी। हालांकि घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।
प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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