नई दिल्ली (वीएनएस)। देश में मार्च की शुरुआत में ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे भीषण गर्मी और लू की आशंका को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। जलवायु विषय पर काम करने वाले संस्थान Council on Energy, Environment and Water (सीईईडब्ल्यू) के विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पहले बढ़ती गर्मी आने वाले महीनों के लिए चेतावनी का संकेत है।
सीईईडब्ल्यू के फेलो Dr. Vishwas Chitle ने कहा कि इस साल तापमान में समय से पहले बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि देश को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। India Meteorological Department ने भी देशभर में सामान्य से अधिक तापमान और लू वाले दिनों की संख्या बढ़ने का अनुमान जताया है।
विशेषज्ञों के अनुसार मार्च के शुरुआती दिनों में ही कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। राजधानी Delhi में तापमान सामान्य से लगभग 7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है।
सीईईडब्ल्यू के विश्लेषण के मुताबिक भारत के लगभग 57 प्रतिशत जिले उच्च से अत्यधिक उच्च गर्मी जोखिम वाले क्षेत्रों में आते हैं, जहां देश की करीब 76 प्रतिशत आबादी रहती है। इसका मतलब है कि देश की बड़ी आबादी पहले से ही भीषण गर्मी के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में निवास कर रही है।
डॉ. चितले ने कहा कि अगर तापमान इसी तरह समय से पहले बढ़ता रहा और लंबे समय तक ऊंचा बना रहा तो इसका असर स्वास्थ्य, आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले ही सरकार और प्रशासन को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
विशेषज्ञों ने हीट एक्शन प्लान तैयार करने, लोगों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और कमजोर वर्गों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने पर जोर दिया है, ताकि आने वाले महीनों में संभावित भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।
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