पंचांग, जिसमें तिथि, योग, नक्षत्र, करण के साथ-साथ शुभ और अशुभ मुहूर्तों का समयकाल भी बताया जाता है, जिसके आधार पर आप अपने शुभ एवं मांगलिक कार्यों को संपन्न कर सकते हैं। इस पंचांग में हम आपको शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त और अशुभ मुहूर्तों में राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल और दुमुहूर्त की जानकारी दे रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि 21 मार्च के दिन कौन-कौन से शुभ संयोग बनने जा रहे हैं।
तिथि- तृतीया
पक्ष - शुक्ल पक्ष
वार - शनिवार
नक्षत्र - अश्विनी
भरणी- योग
इन्द्र - 07:01 पी म तक
वैधृति- करण
तैतिल - 01:14 पी एम तक
गर - 11:56 पी एम तक
वणिज- अमांत महीना
चैत्र- पूर्णिमांत महीना
चैत्र - अभिजित मुहूर्त- 12:04 पी एम से 12:52 पी एम
राहुकाल- 09:26 से 10:57
सूर्योदय- 06:24
सूर्यास्त- 06:32
चंद्रोदय - 07:35
चन्द्रास्त- 09:05
दिशा शूल- पूर्व
चंद्र राशि - मेष
सूर्य राशि -मीन
ब्रह्म मुहूर्त - 04:49 से 05:36
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