फेक न्यूज और AI कंटेंट पर ECI का कड़ा रुख

Posted On:- 2026-04-21




भ्रामक पोस्ट हटाने के लिए 3 घंटे की डेडलाइन

नई दिल्ली (वीएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने दोहराया है कि सभी हितधारक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, आईटी नियम, 2021 और आदर्श आचार संहिता सहित मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुपालन में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदार और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करेंगे।आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी भ्रामक या अवैध एआई-जनित या हेरफेर की गई सामग्री पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संज्ञान में लाए जाने के 3 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और अभियान प्रतिनिधियों के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रचार के लिए उपयोग की जाने वाली किसी भी सिंथेटिक रूप से निर्मित या एआई-परिवर्तित सामग्री को स्पष्ट रूप से “एआई-जनित”, “डिजिटल रूप से संवर्धित” या “सिंथेटिक सामग्री” के रूप में लेबल किया जाए, साथ ही पारदर्शिता और मतदाता विश्वास बनाए रखने के लिए मूल इकाई का खुलासा भी किया जाए।

असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के चल रहे चुनावों में, ऐसी सोशल मीडिया सामग्री जैसे कि पोस्ट जो आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन हैं, कानून और व्यवस्था को बाधित करते हैं या जिनमें बाधित करने की क्षमता है, और मतदान प्रक्रिया या मशीनरी के खिलाफ झूठी कहानियों की निगरानी की जा रही है और आईटी अधिनियम के तहत अधिसूचित संबंधित राज्य आईटी नोडल अधिकारियों द्वारा उन पर कार्रवाई की जा रही है। तदनुसार 15 मार्च 2026 को चुनावों की घोषणा के बाद से चल रहे चुनावों में सामग्री को हटाने, एफआईआर , स्पष्टीकरण और खंडन सहित 11 हजार से अधिक ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट/यूआरएल की पहचान की गई है और उन पर कार्रवाई की गई है।

आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत प्रावधानों को भी दोहराया, जो मतदान की समाप्ति से पहले 48 घंटे की मौन अवधि के दौरान मतदान क्षेत्रों में किसी भी चुनावी मामले के प्रदर्शन को प्रतिबंधित करते हैं। टेलीविजन, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया सहित मीडिया प्लेटफॉर्मों को इन प्रावधानों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त, नागरिक/राजनीतिक दल/उम्मीदवार ईसीआई-नेट पर ‘सी-विजिल’ मॉड्यूल का उपयोग करके आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। 15 मार्च से 19 अप्रैल तक, इन चुनावों में सी-विजिल ऐप का उपयोग करके 3,23,099 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 3,10,393 शिकायतें यानी 96.01% शिकायतों का समाधान 100 मिनट की निर्धारित समय अवधि के भीतर किया गया।



Related News
thumb

तमिलनाडु में एनडीए की लहर', चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी के नेतृत्...

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तमिलनाडु में एनडीए समर्थक लहर का दावा करते हुए भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन की जीत पर विश्वास जताया है। उ...


thumb

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल को करारा जवाब देकर न्याय...

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने लगभग एक घंटे तक अपना विस्तृत आदेश पढ़ते हुए उन सभी आरोपों और आशंकाओं का क्रमवार उत्तर दिया, जो केजरीवाल की ओर से ...


thumb

पं.बंगाल में सीएपीएफ की घेराबंदी! टीएमसी का आरोप- ये"फ़ौजी-अंदाज़ म...

सीएपीएफ की सभी यूनिटों के प्रमुखों की ऐसी संयुक्त बैठक, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती हैं, पहले किसी भी विधानसभा चुनाव के दौरान कभी नहीं...


thumb

पं.बंगाल में चुनावी 'खेला' रोकने की तैयारी! बाइक रैली पर प्रतिबंध,ज...

इस अवधि के दौरान शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सड़कों पर बाइक और स्कूटर चलाने की अनुमति नहीं होगी; केवल मेडिकल ज़रूरतों या पारिवारिक समारोहों जैसी...


thumb

नेताओं के बेड से शुरू होता है 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर... पप्प...

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं के राजनीतिक करियर पर विवादित टिप्पणी करते हुए दावा किया कि 90% महिलाएं नेताओं से समझौता किए बिना सफल नहीं हो स...


thumb

पीएम मोदी पर खरगे की आतंकी टिप्पणी से बवाल, भाजपा बोली-कांग्रेस मां...

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री मोदी को 'आतंकवादी' कहने वाले कथित बयान पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है, जिसे लेकर भाजपा ने इसे प्र...