इधर ट्रंप अड़े, उधर ईरान, फिर होगा घमासान! ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान की घु़ड़की

Posted On:- 2026-04-21




तेहरान।अमेरिका और ईरान के बीच टकराव, इजराइल की सैन्य गतिविधियां और होरमुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर बढ़ती खींचतान ने हालात को और जटिल बना दिया है। ताजा घटनाक्रम संकेत देता है कि कूटनीतिक प्रयास फिलहाल ठहराव की स्थिति में हैं और संघर्ष का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हम आपको बता दें कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच हुआ संघर्षविराम खत्म होने को है और शांति वार्ता को लेकर संशय के बादल छंट नहीं रहे हैं।

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता संभव नहीं है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य मोहम्मद रजा मोहसेनी सानी ने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगें और उसके आंतरिक राजनीतिक उद्देश्यों के कारण बातचीत का कोई आधार नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया घटनाओं और पिछले अनुभवों को देखते हुए निकट भविष्य में वार्ता का कोई दौर नहीं होगा। हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह भी संकेत मिला है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में संभावित युद्धविराम वार्ता हो सकती है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अभी तक कोई प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए रवाना नहीं हुआ है, जिससे स्पष्ट होता है कि अंदरूनी स्तर पर भी सहमति नहीं बन पाई है। वहीं अमेरिका से इस प्रकार की भी खबरें थीं कि अगर शांति वार्ता आगे बढ़ती है और समझौते की स्थिति बनती है तो खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए इस्लामाबाद जा सकते हैं या शांति वार्ता में ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। लेकिन ट्रंप जिस तरह कभी ईरान पर बम बरसाने और कभी शांति वार्ता की बात कर रहे हैं उससे पूरी स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है।

इसी बीच, ईरान की सैन्य चेतावनी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। खतम अल अंबिया मुख्यालय के कमांडर अली अब्दुल्लाही ने कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई दोबारा होती है तो ईरान तुरंत और निर्णायक जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि सैन्य दृष्टि से ईरान की स्थिति मजबूत है और होरमुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण उसे रणनीतिक बढ़त देता है। देखा जाये तो होरमुज जलडमरूमध्य इस पूरे संकट का केंद्र बन गया है। ईरान ने इसे एक रणनीतिक हथियार के रूप में देखना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हाल के दिनों में ईरान ने इसे कुछ समय के लिए खोला, लेकिन फिर शत्रुतापूर्ण देशों के लिए बंद कर दिया। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है और कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।उधर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि जलडमरूमध्य में प्रतिबंधों और सैन्य गतिविधियों से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है बल्कि खाद और ऊर्जा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।

दूसरी ओर, इस संकट का मानवीय पहलू भी बेहद चिंताजनक है। अब तक ईरान, लेबनान, इजराइल और खाड़ी देशों में हजारों लोगों की जान जा चुकी है। गाजा और दक्षिणी लेबनान में लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई से आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेबनान की रिपोर्टों के अनुसार इजराइली सेना ने कई गांवों में तोपखाना चलाया और घरों को ध्वस्त किया, जिससे व्यापक तबाही हुई है। इसके साथ ही इजराइल ने अपने सैन्य अभियान को जारी रखने का संकेत दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है और देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाएगा। इसके साथ ही इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक नई अग्रिम रक्षा रेखा स्थापित की है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।




Related News
thumb

हॉर्मुज के बंद होने से ईरान को प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना नहीं चाहता, क्योंकि इसके बंद होने से उन्हें प्रतिदिन 50...


thumb

अमेरिकी कार्रवाइयों से शांति वार्ता की निरंतरता पर खतरा : अराघची

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की “उकसाने वाली कार्रवाइयां” और युद्धविराम उल्लंघन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को जार...


thumb

परमाणु क्षमता में वृद्धि करके ब्रिटेन और फ्रांस शुरू कर रहे हथियारो...

रूस ने कहा है कि ब्रिटेन और फ्रांस अपनी परमाणु क्षमता में वृद्धि करके परमाणु हथियारों की होड़ को जन्म दे रहे हैं। यह परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) ...


thumb

जब तक समझौता नहीं हो जाता, ईरानी बंदरगाहों से नहीं हटेगी नाकेबंदीः ...

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नाकेबंदी नहीं हटाएगा।


thumb

अमेरिकी सेना ने रोका ईरानी जहाज: ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने द्वारा इस बात की पुष्टि किये जाने के बाद की उसने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी व्यापारिक जहाज...