कबीरधाम (वीएनएस)। विकसित भारत से विकसित ग्राम का रोड मैप बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 को पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसी के साथ कबीरधाम जिले के सभी 471 ग्राम पंचायतो में वीबी जी राम जी योजना लागू हो जाएगा और ग्रामीणों का इसका लाभ मिलने लगेगा।
नई व्यवस्था के अंतर्गत ऐसे ग्रामीण जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हो उनकी मांग पर 125 दोनों का रोजगार प्रदाय किया जाएगा। वर्तमान में ग्रामीणों के पास मौजूदा जॉब कार्ड मान्य होंगे और जो निर्माण कार्य ग्राम पंचायत में चल रहे हैं वह लगातार होते रहेंगे। नए अधिनियम अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति 1 जुलाई से होगी जिसमें जल संरक्षण प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंध आजीविका और स्थाई परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे अनेक प्रकार के कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रो का विकास होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा इस नए ऐतिहासिक अधिनियम को पूरे देश में लागू करने के लिए ऐतिहासिक बजट आवंटन किया है जिसके साथ राज्यों के भी अपने-अपने अंशदान जुड़ेंगे। योजना अंतर्गत प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है। वर्तमान में महात्मा गांधी नरेगा में जो कार्य चल रहे हैं उसे 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तत्पश्चात 1 जुलाई से नई योजना द्वारा ग्राम पंचायतो के विकास कार्य प्रारंभ होंगे और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध होगा।
नई योजना में रोजगार की मांग और स्थानीय आवश्यकताओं का बेहतर तालमेल : कलेक्टर
विकसित भारत जी राम जी लागू होने के संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में इसकी तैयारी कर ली गई है। नए अधिनियम अनुसार कार्यों को 1 जुलाई से स्वीकृत किया जाएगा। पहले की अपेक्षा अब ग्रामीण परिवारों को 125 दोनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरों का भुगतान पहले की भांति डीबीटी के द्वारा बैंक या डाकघर में उनके बचत खाते से होगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मास्टर रोल बंद होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि समय पर मजदूरी भुगतान नहीं होने के कारण श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति के लिए पात्र होंगे। कलेक्टर ने आगे बताया कि वर्तमान में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत चल रहे कार्य को 15 जून तक पूर्ण किया जाना है। नई योजना में रोजगार की मांग, स्थानीय आवश्यकता एवं आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता से करने की योजना बनाई गई है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र रूप से विकास का कार्य हो सके।
नई योजना से समाज के सभी वर्गों को मिलेगा लाभ : सीईओ
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण गांवो में अधोसंरचना विकास, सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, खेतों से जुड़े जरूरी काम एवं आजीविका मूलक कार्य कराया जा सकेंगे। वर्तमान में ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक नए योजना अन्तर्गत मान्य रहेंगे। जिन श्रमिकों के पास जॉब कार्ड नहीं है वह ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण हेतु आवेदन कर सकते हैं।
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