पटना(वीएनएस)।पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर बिहार पुलिस परीक्षा के अभ्यर्थियों ने ट्रेन की कमी और देरी को लेकर हिंसक प्रदर्शन किया, जिसमें तोड़फोड़ और पथराव हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, इस झड़प में रेल आईजी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात छात्रों ने जमकर बवाल काटा। दरअसल, बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग (Prohibition Department) की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों छात्र ट्रेनों की कमी और उनके लेट होने से नाराज थे। देखते ही देखते यह गुस्सा हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। गुस्साए छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को आंसू-गैस के गोले छोड़ने पड़े।
आखिर क्यों हुआ यह बवाल?
मद्य निषेध विभाग की परीक्षा दो शिफ्टों में होनी थी, जिसके लिए हजारों छात्र रात में ही स्टेशन पहुंच गए थे। स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेनें न होने और गाड़ियों के लेट होने की वजह से छात्रों को डर सताने लगा कि कहीं उनका एग्जाम न छूट जाए। इसी बीच जब पाटलिपुत्र से कटिहार के लिए चलाई गई एग्जाम स्पेशल ट्रेन स्टेशन पहुंची, तो छात्रों में अफरातफरी मच गई। नाराज छात्र ट्रेन के आगे पटरी पर लेट गए और रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
कई ट्रेनों के बदले रूट, राजधानी भी रुकी
इस हंगामे की वजह से पाटलिपुत्र स्टेशन से गुजरने वाली कई जरूरी ट्रेनों का सफर रुक गया। राजधानी एक्सप्रेस समेत कई बड़ी ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा।
पथराव में रेल आईजी घायल, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की खबर मिलते ही रेल आईजी जितेंद्र राणा, रेल एसपी, आरपीएफ और जिला पुलिस के कई सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इस दौरान हुए पथराव में रेल आईजी जितेंद्र राणा और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू-गैस के गोले छोड़े गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खुद रेल आईजी ने हाथ में पिस्तौल लेकर पुलिस बल का नेतृत्व किया।
पटना के डीएम डॉ. थियागराजन ने बताया कि आधी रात को उपद्रव की सूचना मिली थी। प्रशासन ने छात्रों से हंगामा न करने और परीक्षा देने वाले दूसरे अभ्यर्थियों का सहयोग करने की अपील की थी। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर माहौल खराब किया और दो विशेष ट्रेनें मौजूद होने के बावजूद नई मांगें रखने लगे। उन्होंने एग्जाम देने जा रहे छात्रों को भी रोका, जिसके बाद पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है, ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं और रेलवे प्रशासन ने छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए तुरंत और स्पेशल ट्रेनें चला दी हैं।
अमेरिकी दबाव और सख्ती को नजरअंदाज करते हुए भारत ने रूस से अपने तेल आयात में भारी वृद्धि की है, मई में 21% की उछाल के साथ भारत रूसी ईंधन का दूसरा सब...
राहुल गांधी के 'नो हग' बयान ने इंडी गठबंधन में दरार पैदा कर दी है, जहाँ सीपीएम नेता पिनाराई विजयन ने इसे राहुल की सोच पर सवाल उठाया, वहीं बीजेपी ने...
।मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान सरकार पर संघ का रुख केंद्र सरकार की नीति के ही समान है, लेकिन उन्होंने वहां की आम जनता के साथ बातचीत की वका...
शिवसेना (UBT) में 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में सांसदों की अहम बैठक बुलाई, जिसमें केवल 4 सांसद ही पहुंचे। हालांकि, पा...
सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया है। वह वर्तमान में सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।