उत्तर बस्तर कांकेर (वीएनएस)। जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ एवं वंचित वर्ग की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के निर्देशन में समग्र शिक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों में इन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है।
इन आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की बालिकाओं को सुरक्षित आवासीय वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। वर्तमान में जिले के दुर्गूकोंदल, कोयलीबेड़ा, नरहरपुर एवं कांकेर विकासखंडों में सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, गणवेश, पाठ्यपुस्तकें तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।
कलेक्टर क्षीरसागर ने विशेष रूप से अनाथ, पितृविहीन, आर्थिक रूप से कमजोर, शाला त्यागी एवं आउट ऑफ स्कूल बालिकाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों, प्रधानाध्यापकों एवं संस्था प्रमुखों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने की निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की प्रत्येक पात्र बालिका गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़कर आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को साकार कर सके।
जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद एवं जिला मिशन समन्वयक नवनीत पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखंड कांकेर अंतर्गत ग्राम बेवरती में विद्यालय का नवीन एवं स्थायी भवन पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। आगामी शैक्षणिक सत्र से यहां 200 छात्राओं की क्षमता के अनुरूप नियमित संचालन किया जाएगा। इसी प्रकार विकासखंड दुर्गूकोंदल स्थित शिक्षा हब परिसर में संचालित विद्यालय में भी 200 छात्राओं के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकासखंड नरहरपुर एवं कोयलीबेड़ा में स्थायी भवनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात दोनों विद्यालयों में भी 200-200 छात्राओं की क्षमता के साथ पूर्णकालिक आवासीय संचालन प्रारंभ किया जाएगा। वर्तमान में नरहरपुर का विद्यालय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरोना परिसर में तथा कोयलीबेड़ा का विद्यालय छोटेबेठिया में संचालित किया जा रहा है, जहां कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई नियमित रूप से जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के पालकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का प्रवेश इन आवासीय विद्यालयों में कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सशक्त, आत्मविश्वासी एवं समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र कोमरा ने दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘सोसायटी में यूरिया-बीज की कमी, भटक रहे किसान’ के संबंध में जानकारी...
छत्तीसगढ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत महिला श्रमिकों के लिए ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ संचालित है जिसके अन्तर्गत म...
जिले में बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर 05 से 17 वर...
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा 02 जुलाई से 04 जुलाई 2026 तक जशपुर जिले के शासकीय प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे अनुसूचित जनजात...
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में जशपुर जिले में प्रभावी कार्य क...