नई दिल्ली(वीएऩएस)।सर्वे के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई लोग डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका, शी जिनपिंग के चीन और व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाले रूस की तुलना में पीएम मोदी के नेतृत्व वाले भारत पर ज़्यादा भरोसा करते हैं। 23 जून को जारी इस सर्वे में पता चला कि 50 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई भारत पर भरोसा करते हैं, जबकि सिर्फ़ 31 प्रतिशत लोग अमेरिका पर भरोसा करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है और इसके साथ ही भारत पर दुनिया का भरोसा भी लगातार बढ़ा है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर भारत, उन चुनिंदा देशों में से एक है जिन पर भरोसा किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के थिंक-टैंक 'लोवी इंस्टीट्यूट' के हालिया सर्वे से इस बात की पुष्टि हुई है। सर्वे के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई लोग डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका, शी जिनपिंग के चीन और व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाले रूस की तुलना में पीएम मोदी के नेतृत्व वाले भारत पर ज़्यादा भरोसा करते हैं। 23 जून को जारी इस सर्वे में पता चला कि 50 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई भारत पर भरोसा करते हैं, जबकि सिर्फ़ 31 प्रतिशत लोग अमेरिका पर भरोसा करते हैं। सर्वे के अनुसार, चीन और रूस पर भरोसा करने वाले ऑस्ट्रेलियाई लोगों की संख्या क्रमशः 28 प्रतिशत और 11 प्रतिशत है। यह दुनिया भर में भारत की बढ़ती अहमियत को और मज़बूती से दिखाता है।
लोवी इंस्टीट्यूट के सर्वे में कहा गया है कि 46 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई लोगों का मानना है कि "भारत दुनिया में ज़िम्मेदारी से काम करेगा, इस पर उन्हें कुछ हद तक भरोसा है"। इसके अलावा, 4 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई लोगों को भारत के नेतृत्व पर बहुत ज़्यादा भरोसा है। रिपोर्ट में कहा गया है, ऑस्ट्रेलियाई लोग दो महाशक्तियों को लेकर सतर्क हैं और अमेरिका व चीन, दोनों पर ही उनका भरोसा कम है। दुनिया में ज़िम्मेदारी से काम करने के मामले में अमेरिका पर ऑस्ट्रेलियाई लोगों का भरोसा घटकर 31 प्रतिशत रह गया है, जो लोवी इंस्टीट्यूट के पोल में अब तक का सबसे निचला स्तर है।
पीएम मोदी पिछले 12 सालों से सत्ता में बने हुए हैं
पहले भी सर्वे से पता चला है कि लगातार 12 सालों तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी और उनके नेतृत्व पर दुनिया का भरोसा कायम है। पिछले साल, 'मॉर्निंग कंसल्ट ग्लोबल लीडर अप्रूवल ट्रैकर' के एक सर्वे में बताया गया था कि पीएम मोदी की अप्रूवल रेटिंग 75 प्रतिशत थी, जो दुनिया में सबसे ज़्यादा थी। खास बात यह है कि यह लगातार पांचवीं बार था जब भारतीय प्रधानमंत्री इस लिस्ट में सबसे ऊपर रहे। इसके अलावा, पीएम मोदी पिछले 12 सालों से सत्ता में हैं। ऐसा करके उन्होंने सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड बनाया है। इसके उलट, जब से पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से ज़्यादातर देशों में नेतृत्व में कई बार बदलाव हुए हैं। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में 2016 के बाद से तीन प्रधानमंत्री रहे हैं - मैल्कम टर्नबुल, स्कॉट मॉरिसन और एंथनी अल्बानीज़ (मौजूदा पीएम)। यूनाइटेड किंगडम (UK) की बात करें तो, 2016 के बाद से वहां पांच प्रधानमंत्री रहे हैं - थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस, ऋषि सुनक और कीर स्टारमर। स्टारमर ने भी इस्तीफा दे दिया है और जल्द ही उनके उत्तराधिकारी का नाम घोषित किया जाएगा, जो पिछले 10 सालों में UK के छठे प्रधानमंत्री होंगे। इसी तरह, 2014 के बाद से अमेरिका में भी नेतृत्व में बदलाव हुए हैं। जब पीएम मोदी ने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब बराक ओबामा राष्ट्रपति थे। 2016 में डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने, लेकिन 2020 का चुनाव जो बाइडेन से हार गए। लेकिन 2024 में ट्रंप दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटे
घटना के समय इमारत के अंदर मौजूद मज़दूरों की सही संख्या का तुरंत पता नहीं चल सका, लेकिन खबरों के अनुसार वहाँ 40-50 लोगों के होने की संभावना है। जब म...
राज्य में पिछले कुछ दिनों से ज़ोरदार बारिश हो रही है, जिसके कारण कई ज़िलों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति बनी है और सड़कों, पुलों व अन्य सार्व...
नोटिफिकेशन के अनुसार, संशोधित नियमों के तहत, जो संगठन विदेशी योगदान का 20 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा प्रशासनिक खर्चों पर खर्च करते हैं (जो कि एक्ट क...
बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे प्रियांक खड़गे पर कर्नाटक में ज़मीन घोटाले का आरोप लगाया है, जिसमें सिद्धार्थ विहार ट्रस...
महाराष्ट्र सरकार यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में बढ़ रही है, जिसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में एक विशेषज्ञ समिति...