मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, कुकी गांव पर हमले के बाद NH-37 पर 24 घंटे का बंद

Posted On:- 2026-07-06




इम्फाल (वीएनएस)। मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय तनाव के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग (थिंगखोजांग) कुकी गांव पर हुए कथित सशस्त्र हमले में एक महिला और एक बच्चा घायल हो गए। घटना के विरोध में कुकी संगठनों ने सोमवार से राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (एनएच-37) पर 24 घंटे के बंद का एलान किया है। साथ ही स्वतंत्र न्यायिक जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम गांव के लोग चर्च में प्रार्थना कर रहे थे, तभी हथियारबंद हमलावरों ने गांव पर गोलीबारी शुरू कर दी और विस्फोटक फेंके। इस दौरान कई घरों में आग लगाने का भी दावा किया गया है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हमले में एक महिला के पैर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है, जबकि एक बच्चा भी घायल हुआ। दोनों को पहले असम राइफल्स के न्यू कैथेलमणबी शिविर में प्राथमिक उपचार देने के बाद इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस) रेफर किया गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हमले में एनएससीएन (आईएम) और जेडयूएफ-के से जुड़े उग्रवादी शामिल थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

घटना के बाद कुकी समुदाय के प्रमुख संगठन कुकी इनपी मणिपुर (केआईएम) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आम नागरिकों पर सुनियोजित हमला बताया। संगठन ने आरोप लगाया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का शिविर पास में होने के बावजूद हमलावर गांव में घुसकर गोलीबारी और आगजनी कर आसानी से फरार हो गए। केआईएम ने पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच, सुरक्षा चूक की जवाबदेही तय करने और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे लोगों को सीआरपीएफ कर्मियों ने गांव में प्रवेश करने से रोक दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया। हालांकि, इन आरोपों पर सीआरपीएफ या राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

घटना के विरोध में कुकी सीएसओ वर्किंग कमेटी (केसीडब्ल्यूसी), साउथ वेस्ट सदर हिल्स ने एनएच-37 पर 24 घंटे के पूर्ण बंद की घोषणा की है। संगठन ने हमले के जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, प्रभावित परिवारों को राहत, घायलों के समुचित इलाज और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में कथित विफलता का आरोप लगाते हुए 86वीं बटालियन सीआरपीएफ के साथ असहयोग का भी ऐलान किया है। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



Related News
thumb

कोलकाता में लगेगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा, अम...

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहां वे प्रतिमा शिलान्यास समेत कई कार्य...


thumb

केजरीवाल ने पूछा कौन हैं नितिन नबीन? प्रवेश वर्मा का चुटीला जवाब- क...

नवीन ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा था कि वे 'हिंदू धर्म को इतना कमज़ोर न समझें कि लोग आपकी बातों में आ जाएंगे। एक्स प...


thumb

भूपेश बघेल की सुलह की कोशिश फेल,चन्नी-रंधावा की 'एकता' वाली तस्वीर ...

नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए, चन्नी-रंधावा गुट ने पंजाब कांग्रेस के उन सभी कार्यक्रमों से दूर रहने का फ़ैसला किया है जिनमें राजा वडिंग राज्य पार्टी प्र...


thumb

पक्की नौकरी? अग्निवीर की मुराद होगी पूरी, सेना ने लिया बड़ा फैसला!

नेवी ने कहा है हमें 75% अग्नवीर परमानेंट चाहिए। तो आर्मी और एयरफोर्स ने 50% का दावा कर दिया है। साल 2022 में जब अग्निपथ योजना का ऐलान हुआ था तब निय...


thumb

चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन होंगे ट्रस्ट के न...

ट्रस्ट ने उनके इस्तीफ़े स्वीकार कर लिए हैं। इस बीच, बैठक में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। मीडिया की मौजूदगी और...