16 दिन बाद बदला फैसला: बारात लौटाने वाली मुस्कान ने उसी युवक से मंदिर में की शादी

Posted On:- 2026-07-10




जांजगीर-चांपा (वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में नशे में धुत दूल्हे की बारात लौटाकर चर्चा में आईं मुस्कान प्रधान ने अब उसी युवक संत कुमार (संतराम) से मंदिर में विवाह कर लिया है। दोनों ने आपसी सहमति से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की। हालांकि, शादी वाले दिन दूल्हे की कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाए जाने का दावा किया गया है, जिसकी अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

परामर्श केंद्र से निकलकर पहुंचीं मंदिर

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह मुस्कान अपने गांव कोसमंदा से परिवार परामर्श केंद्र पहुंची थीं। दोपहर करीब 2 बजे वहां से निकलने के बाद वह घर जाने के बजाय सीधे संत कुमार के गांव खोखरा पहुंचीं। यहां मनका दाई मंदिर में दोनों ने परिजनों की मौजूदगी में सात फेरे लेकर विवाह कर लिया।

बताया जा रहा है कि लड़के के परिवार को इस विवाह की जानकारी पहले से थी, जबकि लड़की के परिजनों को इसकी सूचना बाद में मिली।

घर नहीं पहुंचीं तो परिवार ने पुलिस को दी सूचना

शाम तक मुस्कान के घर नहीं लौटने और मोबाइल बंद मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और साइबर टीम ने उनकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि मुस्कान खोखरा गांव में संत कुमार के घर पर हैं।

सूचना मिलते ही चांपा सीएसपी योगिता खपड़े पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पूछताछ में मुस्कान ने बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से संत कुमार से विवाह किया है और उनके साथ रहना चाहती हैं। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की पुष्टि की।

दोनों ने बताया— शादी वाले दिन हुई थी गलतफहमी

मुस्कान और संत कुमार के अनुसार, 23 जून को शादी टूटने के बाद भी दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। संत कुमार का दावा है कि वह शराब का सेवन नहीं करता और शादी वाले दिन उसकी कोल्ड ड्रिंक में किसी ने नशीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे वह नशे में दिखाई दिया। उनका कहना है कि बाद में दोनों के बीच गलतफहमियां दूर हुईं और उन्होंने साथ जीवन बिताने का फैसला किया।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र या किसी आधिकारिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है।

23 जून को पूरे प्रदेश में बनी थी चर्चा

गौरतलब है कि 23 जून को मुस्कान प्रधान ने विवाह मंडप में कथित रूप से नशे की हालत में पहुंचे दूल्हे को देखकर शादी से इनकार कर दिया था। उनका यह फैसला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। मुस्कान ने कहा था, "जो व्यक्ति शादी के दिन खुद को नहीं संभाल सकता, वह मुझे क्या संभालेगा।"

उनके इस निर्णय की पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और कई सामाजिक संगठनों ने सराहना की थी। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने उन्हें सम्मानित किया था और बाद में महिला परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर के रूप में भी नियुक्त किया गया।

अब 16 दिन बाद उसी युवक से विवाह करने के उनके फैसले ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल, दोनों ने अपनी इच्छा से साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया है, जबकि शादी वाले दिन की घटना को लेकर किए गए दावे आधिकारिक रूप से अभी सत्यापित नहीं हुए हैं।



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