समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एग्री-स्टैक आईडी होगी अनिवार्य, 31 अक्टूबर तक होगा किसान पंजीयन

Posted On:- 2026-07-13




जांजगीर-चांपा (वीएनएस)। कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की तैयारियों एवं किसान पंजीयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसान पंजीयन एवं संशोधन की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से पूरी की जाए।


कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों का एग्री-स्टैक पोर्टल में पंजीयन और फार्मर आईडी (एग्री-स्टैक आईडी) होना अनिवार्य रहेगा। हालांकि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि भूमि नामांतरण, बंटवारा, फौती, खसरा या बैंक खाते में बदलाव हुआ है, तो संबंधित समिति अथवा उपार्जन केंद्र में ऑनलाइन संशोधन कराना होगा।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिक कृषि साख समितियों में किसानों को तकनीकी सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कर समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।


बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से होगी धान खरीदी


कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष भी धान खरीदी में आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण व्यवस्था लागू रहेगी। किसान स्वयं अथवा अपने द्वारा नामित नॉमिनी के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान बेच सकेंगे। पंजीयन के दौरान एक नॉमिनी का आधार विवरण दर्ज करना भी अनिवार्य होगा, जिसमें परिवार का सदस्य या निकट संबंधी शामिल किया जा सकेगा।


वनाधिकार पट्टाधारी, डूबान क्षेत्र के कृषक, शासकीय पट्टेदार, कोटवार, संस्थागत कृषक, अधिया-रेगहा, बटाईदार और लीज पर खेती करने वाले किसानों के लिए भी एग्री-स्टैक में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इन सभी श्रेणियों के किसानों का पंजीयन निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।


पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहें : कलेक्टर


कलेक्टर महोबे ने कहा कि नवीन किसान पंजीयन, खसरा मैपिंग, बैंक विवरण संशोधन तथा अधिया-रेगहा से जुड़े नॉमिनी पंजीयन की प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी, जबकि नॉमिनी संशोधन की सुविधा धान खरीदी अवधि तक उपलब्ध रहेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने, समितियों में पर्याप्त तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसी भी पात्र किसान को पंजीयन से वंचित नहीं रहने देने के निर्देश दिए।


बैठक में संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू, सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



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