सहकारी समितियों में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता से किसानों को मिली राहत

Posted On:- 2026-07-13




किसानों को समयबद्ध वितरण, खरीफ सीजन की तैयारियां तेज

गरियाबंद (वीएनएस)। खरीफ कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले की सहकारी समितियों में किसानों के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। शासन द्वारा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से खाद-बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे खेती की तैयारियां बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रही हैं। 

कृषि विभाग एवं सहकारी समितियों के समन्वित प्रयासों से जिले में वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। कृषि विभाग के उपसंचालक चंदन राय ने बताया कि जिले में उर्वरक का भंडारण 25 हजार 283 मिट्रिक टन किया गया है। जिनमें से 13 हजार 281 मिट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार 18 हजार 335 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है। इनमें से 15 हजार 837 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं बीज का भंडारण किया गया है।

ग्राम चिखली के किसान राजेंद्र कुमार यादव जिनके पास लगभग 7 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि उन्हें आदिमजाति सहकारी समिति मर्यादित, गरियाबंद से समय पर आवश्यक खाद एवं बीज प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष खाद-बीज प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर खाद एवं बीज मिलने से धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई एवं प्रारंभिक कृषि कार्य निर्धारित समय पर पूरा कर रहे हैं। राजेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से पारदर्शी एवं व्यवस्थित वितरण होने से किसानों का समय बच रहा है और उन्हें अनावश्यक इधर-उधर भटकना नहीं पड़ रहा है। इससे किसानों का समय बच रहा है।

जिले में किसानों की सुविधा के लिए सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है। समितियों में नियमित रूप से उपलब्धता की निगरानी की जा रही है, ताकि मांग के अनुसार समय पर आपूर्ति बनी रहे। किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद-बीज उपलब्ध कराया जा रहा है तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है।



Related News

thumb

राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन, 30 जुलाई...

राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस (12 अगस्त) के अवसर पर इंडिया स्पेस लैब द्वारा "रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट" विषय पर ऑनलाइन कार्यशा...


thumb

आवेदन पर त्वरित कार्रवाई, किसान को अनुदान पर मिली रोपा लगाने की आधु...

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित किए गए सुशासन तिहार-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं...


thumb

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ ने बनाया राष्ट्रीय कीर्...

।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।


thumb

धान से दलहन-तिलहन की ओर बढ़ रहा महासमुंद, 6 हजार हेक्टेयर में बदली ...

छत्तीसगढ़ में खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जल संरक्षण आधारित बनाने की दिशा में महासमुंद जिला प्रशासन का फसल विविधीकरण अभियान गति पकड़ने लगा है


thumb

मनरेगा का चेक डेम बना किसानों की नई उम्मीद, 12.5 एकड़ खेतों की होगी ...

कभी बारिश का पानी बह जाने से गर्मी में जल संकट झेलने वाले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत माड़ीसरई के किसानों क...