ग्रामीणों को शुद्ध पानी की सौगात: ग्राम भूमका में जल स्रोतों का हुआ क्लोरीनेशन

Posted On:- 2026-07-13




एमसीबी (वीएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप एवं जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नियमित रूप से जल गुणवत्ता सुधार एवं जल स्रोतों के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत विकासखंड भरतपुर की ग्राम पंचायत मन्नौड के ग्राम भूमका में हैंडपंप एवं सोलर जल प्रदाय संयंत्र से जुड़े जल स्रोतों में क्लोरीनेशन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

क्लोरीनेशन के माध्यम से पेयजल में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं, बैक्टीरिया एवं अन्य रोगजनक सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर पानी को संक्रमणमुक्त बनाया गया। विभाग की तकनीकी टीम ने निर्धारित मानकों एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया के अनुसार सभी जल स्रोतों में क्लोरीन का उपयोग करते हुए क्लोरीनेशन कार्य पूरा किया, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध हो सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान जल स्रोतों में दूषित जल के मिश्रण की संभावना बढ़ जाती है, जिससे हैजा, टायफाइड, डायरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में समय-समय पर जल स्रोतों का क्लोरीनेशन करना अत्यंत आवश्यक होता है। यह प्रक्रिया पानी में मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों को समाप्त कर पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

क्लोरीनेशन अभियान के दौरान विभागीय अमले ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति भी जागरूक किया। उन्हें सलाह दी गई कि पेयजल का उपयोग स्वच्छ एवं ढक्कन युक्त बर्तनों में करें, जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की जल गुणवत्ता संबंधी समस्या होने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें। साथ ही जल संरक्षण एवं जल स्रोतों की नियमित देखभाल में जनसहभागिता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया।

ग्राम भूमका के ग्रामीणों ने विभाग द्वारा किए गए क्लोरीनेशन कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे जन स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल बताया। ग्रामीणों ने कहा कि नियमित रूप से जल स्रोतों की निगरानी एवं क्लोरीनेशन से उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे जल जनित बीमारियों की आशंका कम होगी। उन्होंने जल स्त्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा पानी के संरक्षण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प भी लिया।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की नियमित निगरानी, जल गुणवत्ता परीक्षण, क्लोरीनेशन एवं आवश्यक तकनीकी रखरखाव का कार्य निरंतर किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्ता युक्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।




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