खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता एवं किसानों की आय बढ़ाने राज्य व जिला स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित

Posted On:- 2026-07-14




- सांसद संतोष पांडेय ने किसानों को उन्नत तिलहन उत्पादन और पारंपरिक तेल निष्कर्षण पद्धति अपनाने के लिए किया प्रेरित

मोहला (वीएनएस)। कृषि विभाग के तत्वावधान में जिला मुख्यालय मोहला में भारत सरकार एवं राज्य कृषि विभाग द्वारा नेशनल मिशन ऑन इडिबल ऑयल-ऑयलसीड (एनएमईओ-ओएस) के अंतर्गत राज्य व जिला स्तरीय किसान सम्मेलन एवं किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना था। सम्मेलन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा राजनंदगांव सांसद  संतोष पांडेय शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक तेल निष्कर्षण पद्धति की महत्ता बताते हुए किसानों को स्थानीय स्तर पर इस परंपरा को पुनः अपनाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री पांडेय ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों के उपयोग तथा तिलहन फसलों के संवर्धन से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

         इसके साथ ही कहा कि,  किसानों को धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों जैसे अलसी, तिल, कुसुम, मूंगफली, सूरजमुखी और सोयाबीन के उत्पादन को पुनः बढ़ावा देना होगा। वक्ताओं ने बताया कि पहले ग्रामीण और वन क्षेत्रों के किसान अपनी अधिकांश आवश्यकताएं स्वयं पूरी कर लेते थे तथा केवल सीमित वस्तुओं के लिए बाजार पर निर्भर रहते थे। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन योजना शुरू की गई है। योजना का उद्देश्य तिलहन उत्पादन बढ़ाकर देश को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

- सम्मान और बीज वितरण

सम्मेलन के दौरान उन्नत खेती करने वाले किसानों को सांसद  पांडेय के हाथों प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही किसानों को तिलहन सहित अन्य फसलों की उन्नत किस्मों के बीजों का वितरण भी किया गया।

- मेले का मुख्य उद्देश्य

कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान मेले में विभिन्न स्टॉल लगाकर किसानों को उच्च उपज एवं उच्च तेल सामग्री वाली तिलहन फसलों जैसे सरसों, सोयाबीन एवं मूंगफली की उन्नत किस्मों की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि पद्धतियों, अंतरवर्तीय खेती, कीट प्रबंधन तथा तिलहन उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया।

इसके अलावा तेल निष्कर्षण की दक्षता बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर तेल मिलों की स्थापना हेतु उपलब्ध ऑयल मिल अनुदान योजना की जानकारी किसानों को दी गई। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत मिट्टी परीक्षण के महत्व को समझाते हुए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।

           कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष  दिलीप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, उपाध्यक्ष  भोजेश शाह, श्रीमती रेणु टांडिया, कोषाध्यक्ष  राजू जैन,  राजू टांडिया, जिला पंचायत सदस्य  नेहरू रजक,  नरसिंग भंडारी, अंबागढ़ चौकी मंडल अध्यक्ष  आशीष द्विवेदी,  मदन साहू, श्रीमती संगीता मिश्रा,  जनक लाल सोनवानी, कृषि विभाग की ओर से उप संचालक जे. एल. मंडावी, सहायक संचालक सुरेश कुमार तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि एवं  उपस्थित रहे।



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