नारायणपुर (वीएनएस)। नारायणपुर के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में क्रेडा की पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिले के अनेक गांवों और पाराटोलों में सोलर ड्यूल पंप स्थापित कर स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है।
ग्राम नेलॉगुर, पदमकोट, जाटलूर, उसेबेड़ा, हरबेल, कस्तुरमेंटा-2, धुरबेड़ा और गुमरका सहित कई दूरस्थ गांवों में लगाए गए सोलर ड्यूल पंपों से अब ग्रामीणों को गांव में ही स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। पहले लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और कई स्थानों पर झिरिया का दूषित पानी पीने की मजबूरी थी, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था।
क्रेडा द्वारा शुरू की गई इस पहल से ग्रामीणों को न केवल शुद्ध पेयजल मिल रहा है, बल्कि उनका समय और श्रम भी बच रहा है। महिलाओं और बच्चों को अब पानी लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल नहीं चलना पड़ता, जिससे वे अपने अन्य आवश्यक कार्यों और शिक्षा पर अधिक समय दे पा रहे हैं।
जिले के 371 ग्रामों एवं पाराटोलों में सोलर ड्यूल पंप स्थापना का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 1,064 सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 849 पंपों की स्थापना पूरी की जा चुकी है। शेष स्थानों पर भी तेजी से कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा आधारित यह व्यवस्था पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बिजली पर निर्भरता भी कम करती है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी बिना किसी बाधा के पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सोलर ड्यूल पंप लगने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें स्वच्छ पानी आसानी से मिल रहा है, जिससे परिवारों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और जल संकट की चिंता काफी कम हो गई है। यह पहल ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और सतत ऊर्जा के समन्वय का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है।
राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस (12 अगस्त) के अवसर पर इंडिया स्पेस लैब द्वारा "रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट" विषय पर ऑनलाइन कार्यशा...
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित किए गए सुशासन तिहार-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं...
।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
छत्तीसगढ़ में खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जल संरक्षण आधारित बनाने की दिशा में महासमुंद जिला प्रशासन का फसल विविधीकरण अभियान गति पकड़ने लगा है
कभी बारिश का पानी बह जाने से गर्मी में जल संकट झेलने वाले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत माड़ीसरई के किसानों क...