सुकमा (वीएनएस)। बारिश के मौसम में मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन सुकमा पूरी गंभीरता के साथ सक्रिय है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से जिलेवासियों से अपील की है कि घर और आसपास किसी भी स्थान पर वर्षा का पानी जमा न होने दें। कूलर, पानी की टंकियां, गमले, पुराने टायर, ड्रम और अन्य पात्रों की नियमित सफाई कर पानी खाली करें तथा गड्ढों को भरकर समतल करें, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, मिचली और उल्टी जैसे लक्षण मलेरिया के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेना आवश्यक है। साथ ही मच्छरदानी का नियमित उपयोग, पूरी बांह के कपड़े पहनना तथा मच्छररोधी उपाय अपनाना संक्रमण से बचाव के प्रभावी तरीके हैं।
जिला प्रशासन ने जनसहभागिता को मलेरिया नियंत्रण की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी नागरिकों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सामूहिक प्रयास, स्वच्छ वातावरण और समय पर स्वास्थ्य जांच के माध्यम से मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। ष्मच्छरों को पनपने से रोकें, स्वस्थ सुकमा के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएंष् का संदेश देते हुए प्रशासन ने सभी से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस (12 अगस्त) के अवसर पर इंडिया स्पेस लैब द्वारा "रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट" विषय पर ऑनलाइन कार्यशा...
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित किए गए सुशासन तिहार-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं...
।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
छत्तीसगढ़ में खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जल संरक्षण आधारित बनाने की दिशा में महासमुंद जिला प्रशासन का फसल विविधीकरण अभियान गति पकड़ने लगा है
कभी बारिश का पानी बह जाने से गर्मी में जल संकट झेलने वाले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत माड़ीसरई के किसानों क...