बीजापुर (वीएनएस)। आपदा के समय घबराने के बजाय सही निर्णय लेकर स्वयं तथा दूसरों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से 03वीं वाहिनी एनडीआरएफ, मुंडली (ओडिशा) द्वारा फेमेक्स-2026 प्रशिक्षण अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों में आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत 20 जुलाई को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, बीजापुर से हुई, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन को विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव के उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने घरेलू संसाधनों का उपयोग कर आपदा की स्थिति में प्राथमिक बचाव एवं राहत कार्य करने के व्यावहारिक तरीके भी प्रदर्शित किए।
प्रशिक्षण के दौरान भूकंप की स्थिति में भवन के भीतर रहने पर मजबूत मेज या डेस्क के नीचे बैठकर सिर एवं गर्दन को सुरक्षित रखने, खिड़कियों, कांच एवं भारी वस्तुओं से दूर रहने तथा झटके रुकने के बाद शांतिपूर्वक खुले स्थान पर जाने की सलाह दी गई। वहीं यदि व्यक्ति खुले स्थान पर हो तो भवनों, बिजली के खंभों एवं पेड़ों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए कहा गया।
आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने, अग्निशमन विभाग को सूचना देने तथा छोटे स्तर की आग को उपलब्ध अग्निशामक यंत्र, रेत अथवा अन्य सुरक्षित साधनों से नियंत्रित करने की जानकारी दी गई। एलपीजी सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में गैस रेगुलेटर बंद करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा गीले कपड़े अथवा अग्निशामक यंत्र का सावधानीपूर्वक उपयोग करने का प्रदर्शन भी किया गया।
सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को शांत रखने, प्रभावित अंग को कम से कम हिलाने तथा बिना देरी किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की सलाह दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि समय पर चिकित्सकीय उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय है।
आकाशीय बिजली (वज्रपात) के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों एवं जलाशयों से दूर रहने, मोबाइल एवं विद्युत उपकरणों का अनावश्यक उपयोग न करने तथा सुरक्षित भवन में शरण लेने के बारे में बताया गया। बाढ़ एवं पानी में डूबने जैसी परिस्थितियों में तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करने, सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने, बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर रस्सी, लाइफ जैकेट अथवा स्थानीय उपलब्ध सुरक्षित साधनों का उपयोग करने की जानकारी दी गई। साथ ही किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में बिना प्रशिक्षण के सीधे पानी में छलांग न लगाने तथा तत्काल बचाव दल एवं प्रशासन को सूचना देने पर जोर दिया गया।
एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने बताया कि किसी भी आपदा के समय सबसे महत्वपूर्ण है घबराने के बजाय सतर्क रहना, सही जानकारी का पालन करना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।इस दौरान एनडीआरएफ के अधिकारी एवं प्रशिक्षक सहित जिला सेनानी पीबी सिदार ,नायब तहसीलदार रविन्द्र सिन्हा सीएमओ बीजापुर बंशीलाल नुरुटी सहित जनप्रतिनिधि गण एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।
जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों में आयोजित हो रहे इस प्रशिक्षण अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं को आपदा के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित एवं आपदा-सक्षम समाज का निर्माण करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 20 जुलाई को नगर पालिका परिषद बीजापुर, 21 जुलाई को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल बीजापुर तथा 22 जुलाई को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चेरपाल में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
विकासखंड भैरमगढ़ में 23 जुलाई को स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल भैरमगढ़, 24 जुलाई को ग्राम पंचायत हुर्रागुबाली तथा 25 जुलाई को उसपरी घाट, ईतामपारा (जनपद पंचायत भैरमगढ़) में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विकासखंड भोपालपटनम में 26 जुलाई को हायर सेकेंडरी स्कूल भोपालपटनम, 27 जुलाई को स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल मद्देड़ तथा 28 जुलाई को ग्राम पंचायत तिमेड़ में प्रशिक्षण होगा।
विकासखंड उसूर में 29 जुलाई को हायर सेकेंडरी स्कूल आवापल्ली, 30 जुलाई को बासागुड़ा पंचायत भवन, 31 जुलाई को जनपद पंचायत कार्यालय उसूर तथा 1 अगस्त 2026 को कार्यालय जिला सेनानी, बीजापुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन होगा।
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी विभागों के प्रमुखों से निर्धारित प्रशिक्षण स्थलों पर आवश्यक सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता का विकास करना है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा के सेक्टर...
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाही नाला एवं अमलीपाली में प्रधानमंत्री आवास योज...
महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का सही उपयोग कर कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे व्यव...
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में इस मानसून 10 लाख 30 हजार 102 पौधों के वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बालोद जिले के आम नागरिकों के जीवन में उजियारा फैलाने के साथ-साथ आर्थिक...
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 अगस्त 2026 को ’’स्वतंत्रता दिवस’’ समारोह जिले में गरिमा पूर्वक मनाये जाने के सबंध में आवश्यक तैयारी एवं विचार ...