कवर्धा (वीएनएस)। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। झलमला सेक्टर के 8 से 10 गांवों में संक्रमण बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70 से 80 से अधिक लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग उपचार और सर्वे अभियान के चलते हालात पर नियंत्रण का दावा कर रहा है।
17 जुलाई के बाद तेजी से बढ़े मामले
जानकारी के अनुसार, झलमला सेक्टर में 17 जुलाई के बाद मलेरिया के मरीज सामने आने शुरू हुए। शुरुआती दिनों में बीमारी की गंभीरता का सही आकलन नहीं होने के कारण समय पर व्यापक जांच, मच्छर नियंत्रण और रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके। इसके बाद संक्रमण तेजी से फैलता गया।
वर्तमान में मुडवाही, सोनवाही, जामुनपानी, सरेंडा, बोदलपानी, समनापुर, झलमला और बहनाखोदरा सहित कई गांव मलेरिया की चपेट में हैं।
ग्रामीणों का दावा- तीन लोगों की हुई मौत
ग्रामीणों के मुताबिक, मुडवाही निवासी शुकवारिन बैगा (50) की 21 जुलाई को मौत हुई। इसके बाद 24 जुलाई को 11 वर्षीय जगदीश ध्रुवे की जान चली गई। वहीं जामुनपानी निवासी 19 वर्षीय नरेश गोंड की झलमला स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से स्थिति गंभीर होती गई।
अस्पताल में बढ़ा मरीजों का दबाव
झलमला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं। स्थिति यह है कि कई जगह दो-दो मरीजों को एक ही बिस्तर पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रामक बीमारी के दौरान ऐसी व्यवस्था संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ा सकती है।
मच्छरदानी नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी
प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से मच्छरदानियों का वितरण नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय पर मच्छरदानी, फॉगिंग, दवा छिड़काव और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते, तो बीमारी के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता था। सोनवाही गांव में पिछले 10 दिनों में 35 से अधिक मरीज मिलने का दावा किया गया है, जबकि समनापुर में एक ही परिवार के चार सदस्य मलेरिया से पीड़ित हैं।
15 टीमें कर रहीं सर्वे और जांच
बोड़ला के विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि झलमला सेक्टर के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की 15 टीमें घर-घर जाकर सर्वे और जांच कर रही हैं। रैपिड टेस्ट किट से संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला मुख्यालय की चिकित्सा टीम भी लगातार निगरानी कर रही है। विभाग का कहना है कि उपचार और सर्वे अभियान के कारण नए मामलों में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बुखार आने पर तुरंत जांच कराने, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने तथा स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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