प्रधानमंत्री आवास योजना ने भूपेन्द्र कुमार कर्ष के पक्के घर का सपना किया साकार

Posted On:- 2026-08-18




’कच्चे खपरैल मकान से पक्के आशियाने तक पहुंचा परिवार, मिला सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन’

रायपुर (वीएनएस)।  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत धरदेई निवासी  भूपेन्द्र कुमार कर्ष की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।

 भूपेन्द्र कुमार कर्ष, पिता  अलग राम, उम्र 48 वर्ष, कृषि एवं मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे लंबे समय तक अपनी पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र के साथ मिट्टी एवं खपरैल से बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और मकान की जर्जर स्थिति के कारण परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में परिवार के लिए एक पक्का और सुरक्षित घर बनाना उनके लिए वर्षों पुराना सपना था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता के आधार पर ग्राम पंचायत धरदेई द्वारा वर्ष 2024-25 में  भूपेन्द्र कुमार कर्ष के आवास का अनुमोदन किया गया। आवास स्वीकृत होने के बाद शासन से प्राप्त किस्तों के माध्यम से उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया। ग्राम पंचायत में संचालित स्व-सहायता समूहों ने सेंटरिंग सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग किया। वहीं अटल डिजिटल सुविधा केंद्र तथा ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने भी आवास निर्माण में आवश्यक सहयोग प्रदान किया।

आवास निर्माण के दौरान  कर्ष को 90 दिवस की मजदूरी की सहायता राशि भी प्राप्त हुई, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला। शासन की सहायता, स्थानीय स्तर पर मिले सहयोग और स्वयं की मेहनत से उनका पक्का मकान तैयार हुआ। आज  भूपेन्द्र कुमार कर्ष अपने परिवार के साथ सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

कच्चे और खपरैल मकान से पक्के आवास तक का यह सफर  कर्ष के परिवार के लिए केवल एक घर मिलने की उपलब्धि नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य और सम्मानपूर्ण जीवन की नई शुरुआत है। पक्की छत मिलने से जहां परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत मिली है, वहीं उनके भीतर अपने भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

 भूपेन्द्र कुमार कर्ष ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद वे अपने परिवार के लिए पक्का घर बना पाएंगे। शासन की सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना आज हकीकत बन चुका है।



Related News

thumb

शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर रहेगा व...

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और उत्तरजीविता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। जिला...


thumb

हौसले के आगे दिव्यांगता नहीं बनी बाधा

जब हौसले मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सामाजिक, आर्थिक और दिव्यांगता जैसी चुनौतियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। दिव्यांगता शरीर की ...


thumb

सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत मोहलई में 42 छात्राओं को मिली साइकिल

सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत मंगलवार को कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कोण्डागांव जिले में विभिन्न शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों मे...


thumb

‘वंदे मातरम' की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर छायाचित्र प्रदर्शनी

राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी के चौथे दिन विद्यार्थियों और आ...