- संभाग आयुक्त ने ली संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक
दुर्ग, (वीएनएस)। / संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग अंतर्गत जिलों के सभी ड्राई नलकूप में वॉटर लेवल बढ़ाने हेतु रिचार्ज सोकपीट बनायी जाए। इस हेतु ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा के द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव के आधार पर पीएचई विभाग द्वारा जिलों के ड्राई नलकूप की संख्यात्मक जानकारी के साथ आवश्यक पहल की जाए। इसी प्रकार वर्षा जल को संरक्षित करने सभी आवश्यक पहल की जाए। उन्होंने अधीक्षक अभियंता लोक निर्माण विभाग को संभाग अंतर्गत सभी जिलों में पूर्व निर्मित एवं निर्माणाधीन शासकीय भवनों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्यतः लगवाने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित करने कहा।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने आज संभाग कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में विभागीय काम-काज की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप संभाग के सभी जिलों के विकासखण्ड, तहसील एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में कार्यालयीन कार्य, फाईल मूवमेंट, ई-ऑफिस प्रक्रिया के तहत ही हो, यह सुनिश्चित किया जाए। इस पारदर्शी व्यवस्था से कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। संभाग आयुक्त ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें। प्रति सप्ताह उपस्थिति पत्रक की जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाईन में विभागों को प्राप्त शिकायतों की जानकारी लेते हुए निर्धारित समयावधि के भीतर विभागीय शिकायतें निराकृत करने के निर्देश दिये। संभागायुक्त ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से नशा-मुक्ति अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु नुक्कड़ नाटक, रैली आदि कार्यक्रम निरंतर जारी रखने उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी को संबंधित विभागों के समन्वय से नशा-मुक्ति अभियान क्रम जारी रखने के निर्देश दिये।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सी.जी.एम.एस.सी. के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बातें कही। उन्होंने निर्माण कार्य एजेंसी विभाग के अधिकारियों को विभागीय निर्माण कार्यों की औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिये। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग अंतर्गत जलाशयों में जल भराव की जानकारी ली। साथ ही अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग से कहा कि किसानों की तरफ से मांग आने पर सिंचाई हेतु जलाशयों से पानी छोड़ा जाए। खरीफ फसल बोनी की समीक्षा के दौरान संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि संभाग के जिलों में खरीफ धान, मक्का, कोदो, कुक्की, रॉगी, ज्वार एवं अन्य फसलों की 100 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इसी प्रकार अरहर, मुंग, उड़द, कुल्थी एवं अन्य दहलन फसलों की 93 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। नियमित बारिश की वजह से संभाग अंतर्गत 16.45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में बियासी कार्य किसानों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। बैठक में उपायुक्त पदुम लाल यादव और संतोष ठाकुर सहित सभी विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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