’अबूझमाड़ में सुरक्षित मातृत्व का भरोसा बन रहा मायका सेंटर’

Posted On:- 2026-08-27




’आदेर मायका सेंटर में हुआ शांति का सुरक्षित प्रसव, 2.9 किलो की स्वस्थ बच्ची ने लिया जन्म’

नारायणपुर (वीएनएस)। अबूझमाड़ के दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित मायका सेंटर अब भरोसे का मजबूत केंद्र बन रहे हैं। बरसात के दौरान नदी-नालों के उफान और दुर्गम रास्तों के कारण स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद मायका सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले ही सुरक्षित वातावरण में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

इसी क्रम में विकासखंड ओरछा के आदेर मायका सेंटर में ग्राम हितुल की निवासी शांति, पति बोमधा का 19 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया। शांति ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन 2.9 किलोग्राम है। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा उन्हें आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। शांति का मायका सेंटर में पंजीयन 6 फरवरी 2026 को किया गया था। गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी नियमित निगरानी एवं आवश्यक देखभाल सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप प्रसव सुरक्षित रूप से आदेर मायका सेंटर में संपन्न हुआ।

अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में मायका सेंटर गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों पर महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल, स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक भोजन और चिकित्सकीय निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि उन्हें प्रसव के समय लंबी दूरी और दुर्गम रास्तों की चुनौती का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में 8 मायका सेंटर संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जून में 24, जुलाई में 27 और अगस्त में अब तक 24 प्रसव हुए हैं।

इस प्रकार अब तक मायका केंद्रों में कुल 75 सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए जा चुके हैं। यह उपलब्धि अबूझमाड़ की माताओं तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अबूझमाड़ के किसी भी गांव की गर्भवती महिला दूरी और दुर्गमता के कारण सुरक्षित प्रसव की सुविधा से वंचित न हो। मायका सेंटर इसी संकल्प को धरातल पर साकार करते हुए माताओं और नवजातों को सुरक्षित शुरुआत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



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