शिक्षा मंत्री का 3 दिवसीय बस्तर दौरा, आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा

Posted On:- 2026-09-02




रायपुर (वीएनएस)। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बुधवार को अपने बस्तर संभाग के 3 दिवसीय प्रवास में सर्वप्रथम बीजापुर पहुँचकर ज़िले में संचालित आवासीय विद्यालयों की शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अपने 3 दिवसीय प्रवास के दौरान मंत्री बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में संचालित विद्यालयों की फील्ड विजिट कर जमीनी वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे। 
मंत्री यादव ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, किलेपाल नं.-3, बास्तानार पहुंचकर शिक्षकों के साथ बैठक की और विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, विद्यालय की सुविधाओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवास, भोजन, स्वास्थ्य, खेलकूद और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। 

नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा
शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बस्तर संभाग के नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। यादव ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी के कारणों की जानकारी लेते हुए स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पोर्टा केबिन में संचालित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण की प्रगति, विद्यार्थियों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था तथा रख-रखाव की स्थिति की भी जानकारी ली। यादव ने पोर्टा केबिन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा बजट आबंटन एवं व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए दिशा-निर्देश दिए।

कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में ड्रॉपआउट रोकने पर जोर

शिक्षा मंत्री यादव ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की संख्या एवं ड्रॉपआउट की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने छात्राओं के विद्यालय छोड़ने के कारणों की जानकारी लेते हुए उन्हें नियमित रूप से शिक्षा से जोड़े रखने के लिए आवश्यक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की स्थिति, छात्राओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं खेल गतिविधियों तथा आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक व्यवस्थाओं को महिला कर्मियों के माध्यम से संचालित किए जाने की स्थिति की जानकारी ली। यादव ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की।

बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
शिक्षा मंत्री ने आवासीय विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, शिकायत पेटी, महिला चौकीदार एवं होमगार्ड की उपलब्धता तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिकाओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने छात्राओं की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया।

SNA स्पर्श और बजट व्यय की स्थिति की ली जानकारी
शिक्षा मंत्री ने समीक्षा बैठक में SNA स्पर्श के अंतर्गत खातों को बंद किए जाने संबंधी प्रक्रिया एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आवासीय विद्यालयों के लिए बजट आबंटन और किए गए व्यय की भी समीक्षा की तथा उपलब्ध संसाधनों का विद्यार्थियों के हित में बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए। 

नक्सल उन्मूलन के बाद बंद विद्यालयों को पुनः शुरू करने पर चर्चा
शिक्षा मंत्री ने नक्सल उन्मूलन के पश्चात् बंद हुए विद्यालयों को पुनः प्रारंभ करने तथा आवश्यकता के अनुसार नवीन विद्यालय खोले जाने के प्रस्तावों पर भी अधिकारियों से चर्चा की। यादव ने संबंधित क्षेत्रों में विद्यालयों की आवश्यकता, विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी लेते हुए प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा की बेहतर स्थिति का लाभ बच्चों की शिक्षा तक पहुंचाने के लिए विद्यालयीन व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाना आवश्यक है।

शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के निर्देश
मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस्तर संभाग के सभी आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और खेलकूद के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा विद्यार्थियों एवं छात्राओं की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।



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