नई दिल्ली(वीएनएस)।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित इस्तीफे वाले वायरल पत्र को निर्वाचन आयोग ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है। सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति को संबोधित एक पत्र प्रसारित किया जा रहा था जिसमें उनके पद छोड़ने का दावा था। आयोग के प्रवक्ता ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे मनगढ़ंत बताया।
निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को रविवार को ‘फर्जी’ करार दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित और कुमार के कथित हस्ताक्षर वाले एक पत्र को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से उनके इस्तीफे की घोषणा का दावा किया गया था। इस कथित ‘‘त्यागपत्र’’ पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने इसे ‘‘फर्जी’’ बताया।
विपक्ष, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर निर्वाचन आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी तथा कुमार के बीच कथित मतभेदों की खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को बताया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद ही जारी किए गए हैं। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
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