कोण्डागांव (वीएनएस)। राज्य सरकार द्वारा डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देते हुए नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। इसका सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी सत्र पर देखने को मिल रहा है। विवाह प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवा के लिए ग्रामीणों को अब बार-बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के बाद निर्धारित समय-सीमा में विवाह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है।
लोक सेवा केन्द्र विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब तक कोण्डागांव जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से विवाह प्रमाण पत्र के लिए कुल 2002 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1579 से अधिक आवेदनों का निराकरण करते हुए हितग्राहियों के विवाह प्रमाण पत्र तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से आवेदकों को विवाह प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में पूर्व की व्यवस्था के अनुसार नगर पालिका एवं नगर पंचायत के रजिस्ट्रार कार्यालयों के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
सेवा सेतु के माध्यम से ग्राम लंजोड़ा सल्फीपदर के रहने वाले सांगीलाल नेताम और आरती नेताम को आवेदन के तीन दिन के भीतर ही विवाह प्रमाण प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शासन की इस सुविधा के तहत गांव में ही विवाह प्रमाण पत्र बन जाने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
गांव में ही आसान हुई प्रक्रिया, मुकेश को मिला विवाह प्रमाण पत्र
सेवा सेतु के माध्यम से मिली सुविधा का लाभ जनपद पंचायत केशकाल के ग्राम खुटपदर निवासी मुकेश कुमार नेताम और उनकी पत्नी मेहतरीन नेताम को भी मिला। विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर उन्होंने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद उनका आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापित किया गया और उन्हें विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ।
दिव्यांग विक्रम के लिए गांव में ही प्रमाण पत्र मिलना बना बड़ी सुविधा
इसी तरह ग्राम बड़ेकनेरा निवासी विक्रम सिंह कश्यप ने भी सेवा सेतु के माध्यम से अपना विवाह प्रमाण पत्र बनवाया। दिव्यांग होने के कारण उनके लिए जिला मुख्यालय तक आना-जाना कठिन था। ऐसे में गांव में स्थापित अटल डिजिटल सेवा केंद्र उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज केंद्र में जमा किए और लगभग एक सप्ताह के भीतर उनका विवाह प्रमाण पत्र तैयार होकर मिल गया। कश्यप ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि दिव्यांग होने के कारण जिला मुख्यालय आना-जाना उनके लिए मुश्किल होता है। गांव में ही अटल डिजिटल सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध होने से उनका काम आसानी से हो गया। सेवा सेतु जैसी सुविधा ग्रामीणों के लिए बहुत उपयोगी पहल है।
समय, श्रम और खर्च की हो रही बचत
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की सेवाओं की पहुंच आसान हुई है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया से नागरिकों के समय, श्रम और आने-जाने के खर्च की बचत हो रही है। ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से प्रमाण पत्रों का वितरण किए जाने से ग्रामीणों को उनके गांव में ही सेवा का लाभ मिल रहा है।
सेवा सेतु पोर्टल और अटल डिजिटल सेवा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन और जनसुविधा के प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। सेवा सेतु के माध्यम से जिले के नागरिक नागरिक भी डिजिटल माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे शासन की सेवाएं अब कार्यालयों से निकलकर सीधे उनके घर के नज़दीक और गांवों तक पहुंच रही हैं और सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।
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