बेमेतरा (वीएनएस)। भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को आगामी 5 वर्षों (वर्ष 2024-25 से 2028-29) तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में आवास की पात्रता रखने वाले सभी परिवारों का नाम ‘आवास प्लस सूची’ में शामिल किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार, जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी पात्र परिवारों का सर्वे ‘आवास प्लस’ ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।
सर्वे के लिए प्रगणक का पंजीकरण अनिवार्य
सर्वे कार्य की सफलता के लिए आवास प्लस ऐप का इस्तेमाल आवश्यक कर दिया गया है, और प्रगणक का पंजीकरण ‘आवास प्लस पोर्टल’ पर अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र को प्रगणक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि पात्र परिवार सर्वे से वंचित न रहें। यदि किसी कारणवश कोई पात्र परिवार छूट जाता है, तो हितग्राही ग्राम पंचायत के सचिव से संपर्क कर अपना सर्वे करा सकते हैं।
पात्र परिवार स्वयं कर सकते हैं जानकारी अपलोड
पात्र परिवार अपनी जानकारी स्वयं आवास प्लस ऐप के माध्यम से भी अपलोड कर सकते हैं। यह सुविधा उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने सर्वे के लिए स्थानीय अधिकारियों तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत के सचिव, आवास मित्र या रोजगार सहायक से संपर्क किया जा सकता है।
सर्वे में शामिल नहीं होंगे ये परिवार
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन के लिए संशोधित मापदण्ड भी जारी किए गए हैं, जिनके तहत कुछ विशेष परिवारों को योजना से बाहर रखा गया है। इन मापदण्डों के अनुसार, निम्नलिखित परिवार योजना के लिए पात्र नहीं होंग इनमे जिनके पास मोटरयुक्त तिपहिया या चौपहिया वाहन हो।मशीनीकृत कृषि उपकरण रखने वाले परिवार। जिनके पास रु. 50,000 या इससे अधिक ऋण सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड हो। जिनका कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो। जिनके पास सरकार द्वारा पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम हो। जिनके परिवार का कोई सदस्य रु. 15,000 या उससे अधिक प्रति माह कमा रहा हो | आयकर देने वाले परिवार। व्यवसाय कर देने वाले परिवार। जिनके पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि हो। जिनके पास 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि हो आदि शामिल हैं ।
यह सर्वे कार्य पूरी तरह निःशुल्क है और प्रगणकों द्वारा किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति सर्वे के दौरान या किसी अन्य स्तर पर किसी भी प्रकार की राशि की मांग करता है, तो हितग्राही तुरंत संबंधित जनपद पंचायत या जिला पंचायत में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को सुनिश्चित करने का यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण भारत के नागरिकों को बेहतर आवास सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
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