उत्तर बस्तर कांकेर (वीएनएस)। नियद नेल्लानार योजना के तहत चयनित क्लस्टर ग्राम पानीडोबीर में शासन की विभिन्न योजनाएं अपने पैर पसारने लगी हैं। कभी संवेदनशील माने जाने वाले इस गांव में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इसी ग्राम की श्रीमती सुखबती, जो कभी कच्चे खपरैलयुक्त सीलन भरे घर में जीवन गुजारने विवश थी, आज पक्के आवास का सपना अब मूर्तरूप ले चुका है।
माओवाद प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों को शासन की योजनाओं के लाभ दिलाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने नियद नेल्लानार योजना शुरू की है। इस योजना के तहत विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पक्के आवास स्वीकृत कर ग्रामीणों को लाभ दिया जा रहा है। क्लस्टर ग्राम पानीडोबीर की रहने वाले श्रीमती सुखबती, पति श्री कुंवरसिंह ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 01 लाख 20 हजार रूपए की स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई, जिसके बाद अपना आवास निर्माण का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि उक्त ग्राम संवेदनशील एवं माओवाद प्रभावित होने के कारण शुरूआत में निर्माण सामग्री इकट्ठा करने अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। 20 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत मुख्यालय जाकर हर जरूरत की सामग्री जुटाने में दिक्कते होती थी, वहीं मजदूर भी आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे। ऐसे में नियद नेल्लानार योजना की सहायता से पंचायत एवं सरकार का बड़ा सहयोग मिला।
सुखबती ने बताया कि भावसार फाउण्डेशन के जरिए स्थानीय युवकों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे निर्माण कार्य आसान हो गया, वहीं तकनीकी समस्याओं का समाधान भी हुआ। 01 लाख 20 हजार रूपए की राशि के अलावा खुद के आवास निर्माण में मनरेगा से 90 दिनों की मजदूरी भी मिली। इसके अलावा 45 हजार रूपए की व्यक्तिगत राशि लगाकर उक्त आवास को बेहतर ढंग से बनवाया। श्रीमती सुखबती ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शासन की इस योजना से उनकी तकदीर और घर की तस्वीर बदल गई है। कच्चे खपरैलयुक्त घर की जगह आज पक्के आवास ने जगह ले ली है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना के चलते उनका सपना अब मूर्तरूप ले चुका है।
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