सूखे खेतों से हरियाली तक- अमृत सरोवर ने बदली ग्राम सिरौली की तकदीर

Posted On:- 2025-11-12




एमसीबी (वीएनएस)। कभी सूखते खेतों और बेरोजगारी से जूझता सिरौली गांव आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है। मनेंद्रगढ़ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौली में निर्मित अमृत सरोवर तालाब ने पूरे समुदाय के जीवन में नई रोशनी भर दी है। लगभग 1.00 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्मित इस सरोवर से न केवल सिंचाई की सुविधा मिली है, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका के अनेक नए स्रोत भी खुल गए हैं।

अमृत सरोवर बना समृद्धि और खुशहाली का आधार

मनरेगा के तहत तैयार इस अमृत सरोवर परियोजना की लागत 7.12 लाख रुपए रही, लेकिन इसका लाभ लाखों का सिद्ध हुआ। पहले जहां ग्रामीण केवल अकुशल मजदूरी पर निर्भर रहते थे, वहीं अब यह तालाब उनके खेतों की हरियाली और परिवारों की खुशहाली का आधार बन गया है। इस सरोवर से लगभग 10 हेक्टेयर भूमि में खरीफ और रबी दोनों सीजन की फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त हो रही है।

खेतों में लौटी हरियाली और बढ़ी किसानों की आय

तालाब के जल का उपयोग करते हुए ग्रामीणों ने न केवल धान की खेती को सशक्त किया, बल्कि रबी फसल के रूप में गेहूं, आलू, मटर, टमाटर, गोभी, बैंगन, मिर्ची और हरी सब्जियों की उन्नत खेती शुरू की। जहां पहले खेत बंजर थे, वहीं अब हर मौसम में फसलों की लहराती हरियाली देखने को मिलती है। इस परिवर्तन से गांव की अर्थव्यवस्था में नई गति आई है।

मत्स्य पालन से आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की ओर बढ़ रहा कदम

सिरौली के स्व-सहायता समूहों ने इस तालाब को आजीविका संवर्धन का माध्यम बना लिया है। समूह की महिलाएं हर वर्ष मत्स्य बीज छोड़ती हैं और मत्स्य पालन से प्रति वर्ष लगभग 25,000 रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है बल्कि गांव में स्वरोजगार का वातावरण भी विकसित हुआ है।

समुदाय का सामूहिक प्रयास बना प्रेरणा और प्रगति की पहचान

यह परियोजना केवल एक तालाब नहीं, बल्कि सामूहिक श्रम, विश्वास और सहभागिता की सजीव कहानी है। अमृत सरोवर के निर्माण से ग्रामवासियों ने जल संरक्षण का महत्व समझा और इसे आजीविका संवर्धन से जोड़ा। इससे किसानों को खेती योग्य भूमि का बेहतर उपयोग मिला और समुदाय में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। अमृत सरोवर के निर्माण से पहले सिरौली के ग्रामीण सीमित वर्षा पर निर्भर रहते थे। फसलों की पैदावार कम थी और आर्थिक तंगी आम बात थी। लेकिन आज यही गांव आधुनिक कृषि तकनीक और जल-संरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है। खेती में विविधता आई है, ग्रामीणों की आमदनी बढ़ी है और स्वरोजगार के अवसर विकसित हुए हैं।

अमृत सरोवर की सिंचाई से फलीभूत हुई सब्जी की क्रांति

ग्राम पंचायत सिरौली के स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बताती हैं कि पहले हम मनरेगा की मजदूरी पर ही निर्भर रहते थे, अब अपने खेतों में उन्नत किस्म की सब्जियों की खेती कर रहे हैं।

अमृत सरोवर से सिंचाई सुविधा मिलने के बाद आलू, मटर, टमाटर, गोभी और बैंगन जैसी सब्जियां उगाकर हमने 25 हजार रुपए से अधिक की आय अर्जित की है। अब हम अपने बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतें खुद पूरी कर पा रहे हैं। सिरौली ग्राम का अमृत सरोवर आज विकास की जीवंत मिसाल बन गया है। इस परियोजना ने न केवल जल संरक्षण को सशक्त किया, बल्कि सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया है। अब यह गांव आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां हर खेत हरा-भरा है, हर घर में खुशहाली है और हर दिल में “अमृत सरोवर” के प्रति गर्व है।



Related News
thumb

पिंक ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महिला सश...

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और विधायक ललित...


thumb

बिलासपुर में बदमाशों का आतंक, ढाबा कर्मचारी को पीटकर की लूट

न्यायधानी बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित एक ढाबे में आधी रात चाकू की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों क...


thumb

पीपल सिटी की ओर नवा रायपुर की उड़ान, पर्यावरण संरक्षण का बड़ा अभियान

नवा रायपुर को हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। आवास एवं पर्यावरण म...


thumb

50% शुल्क छूट से 50 करोड़ रुपये से अधिक की राहत, संपत्ति स्वामित्व ...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व से जोड़ने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। ...


thumb

अंबिकापुर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 28 नशीले इंजेक्शन के साथ ...

शहर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत आबकारी उड़नदस्ता टीम ने लंबे समय से निग...


thumb

दुर्ग में हिस्ट्रीशीटर मर्डर केस, पुलिस ने शुरू की जांच

दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र स्थित कुंदरापारा में रविवार देर रात एक हिस्ट्रीशीटर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान लेखराम कोठारी...