रायपुर (वीएनएस)। रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 (संशोधित 1998) के तहत प्रस्तुत पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जिन समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार हेतु ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी, उनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है तथा इनसे प्राप्त पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है।
इसी प्रकार जो समितियां अधिनियम की धारा 27 एवं 28 के अनुसार अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है।
इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर पंजीयन निरस्तीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 37 के तहत सिविल न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) दायर करने की कार्यवाही की जाएगी। रजिस्ट्रार , फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा है कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और पंजीकृत समितियों की जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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