वाशिंगटन (वीएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके सैन्य बल सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद करेंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “ ईरान, मध्य पूर्व और अमेरिका के हित में, हमने इन देशों को बताया है कि हम उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित रूप से बाहर निकालेंगे, ताकि वे स्वतंत्र रूप से और कुशलता से अपना काम कर सकें।”
ट्रंप ने हालांकि पोस्ट किसी देश के नाम का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के हस्तक्षेप काे ‘कड़ाई से निपटा जाएगा’, उन्होंने इसे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम दिया है।
ईरान ने फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात को काफी हद तक सीमित कर दिया है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी भी लागू कर रखी है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि ईरान के साथ ‘बहुत सकारात्मक’ बातचीत कर रहे हैं और ये वार्ता “ सभी के लिए कुछ बहुत सकारात्मक परिणाम ला सकती है। ”
ट्रंप ने कहा कि यह अभियान अमेरिका, ईरान और अन्य मध्य पूर्वी देशों की ओर से किया गया एक ‘मानवीय प्रयास’ होगा, हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताये। उन्होंने तेहरान के साथ सहयोग के प्रबंधन के बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी।
ट्रंप ने कहा, “ सभी मामलों में, उन्होंने कहा है कि जब तक क्षेत्र नौवहन के लिए सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे... जहाजों की आवाजाही का उद्देश्य केवल उन लोगों, कंपनियों और देशों को मुक्त करना है जिन्होंने बिल्कुल भी कोई गलती नहीं की है। ”
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ में 15,000 कर्मी, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत और 100 से अधिक विमान शामिल होंगे।
ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी में अनुमानित 20,000 नाविक फंसे हुए हैं। घटती आपूर्ति और नाविकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का परिवहन आमतौर पर इसी जलडमरूमध्य से होकर होता है और इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं। रविवार देर रात, यूनाइटेड किंगडम मेरीटाइम ट्रांसपोर्टेशन ऑपरेशन (यूकेएमटीओ) ने बताया कि जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर ‘अज्ञात प्रक्षेपास्त्र’ से हमला हुआ है, और चालक दल सुरक्षित है।
अमेरिका की जर्मनी में तैनात अपनी सेना हटाने का फैसला ले लिया है। तमाम अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने शनिवार को इसकी वजह के साथ फैसले की सूचना दी।
ईरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के बीच सत्ता संघर्ष गहरा गया है, जिसके केंद्र में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लाखों अमेरिकियों, खासकर कम आय वाले और नियोक्ता-प्रायोजित योजनाओं से वंचित कामगारों के लिए रिटायरमेंट सेविंग्...
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गं...
अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के टैकोमा स्थित एक हाई स्कूल में गुरुवार को चाकूबाजी की गंभीर घटना सामने आई है। इस हमले में चार छात्र और एक सुरक्षा गार्ड...