जगदलपुर (वीएनएस)। राज्य शासन ने कृषि और राजस्व तकनीक को बढ़ावा देने वाले एग्रीस्टेक पोर्टल में विशेष श्रेणी के किसानों को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। अब विशेष श्रेणी के छूटे हुए खसरों और कम्पार्टमेंट नंबरों को अपडेट फार्मर रिक्वेस्ट के माध्यम से पोर्टल में शामिल करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इस कल्याणकारी पहल का सीधा लाभ वन अधिकार पट्टाधारियों, डुबान क्षेत्र के कृषकों, शासकीय पट्टेदारों, ग्राम कोटवारों सहित अधिया या रेगहा पर खेती करने वाले किसानों को मिलेगा।
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत ऐसे किसान जिनके पास पहले से ही एग्रीस्टैक आईडी (फार्मर आईडी) उपलब्ध है, लेकिन उनके कुछ खसरे या कम्पार्टमेंट नंबर पोर्टल पर दर्ज होने से छूट गए थे, उन्हें अब इस प्रक्रिया के माध्यम से आसानी से जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए भुइयां पोर्टल के तहसील और जिला लॉगिन के जरिए पंजीयन हेतु शेष बचे खसरों और कम्पार्टमेंट नंबरों का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए यथाशीघ्र पंजीयन पूर्ण करने को कहा गया है। पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अपडेट फार्मर रिक्वेस्ट के तहत किए गए दावों के सत्यापन की एक सुदृढ़ व्यवस्था बनाई गई है, जिसके तहत दावा किए गए समस्त खसरे वर्तमान में सर्वप्रथम संबंधित पटवारी की आईडी में अनुमोदन हेतु प्रदर्शित होंगे। पटवारी स्तर पर जांच और सत्यापन के उपरांत यह डेटा तहसीलदार की आईडी में भेजा जाएगा। तहसीलदार द्वारा अंतिम रूप से अनुमोदित करते ही ये छूटे हुए खसरे या कंपार्टमेंट नंबर सीधे संबंधित कृषकों के एग्रीस्टैक आईडी के साथ लिंक हो जाएंगे।
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