बीजापुर (वीएनएस)। ‘‘चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो‘‘ - 28 मई माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा चलाए जा रहे रेड डॉट अभियान ने पूरे जिले में जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। गाँव की चौपाल से लेकर गारमेंट फैक्ट्री तक, हर जगह माहवारी को लेकर व्याप्त शर्म और मिथकों को तोड़ने का काम जोरों पर है।
गाँव-गाँव में आंगनबाड़ी बनी जागरूकता का केंद्र- जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को अभियान का मुख्य केंद्र बनाया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा किशोरी बालिकाओं व महिलाओं के साथ माहवारी स्वच्छता प्रबंधन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में सेनेटरी पैड के सही उपयोग, साफ-सफाई और पुरानी मान्यताओं पर खुलकर चर्चा हो रही है।
‘‘बीजादूतीर‘‘ स्वयंसेवक और मितानिन निभा रहीं अहम भूमिका- बीजादूतीर स्वयंसेवकों की टोलियां गाँव-गाँव जाकर किशोरियों और महिलाओं से सीधा संवाद कर रही हैं। वहीं मितानिन दीदियां घर-घर जाकर महिलाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और रेड डॉट अभियान के महत्व से जोड़ रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मितानिनों ने हथेली पर लाल बिंदी लगाकर 'ष्माहवारी शर्म नहीं, सम्मान है' का संदेश दिया।
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी भी अभियान में शामिल- भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बीजापुर के जिला रेड क्रॉस अधिकारी नरवेद सिंह ने भी रेड डॉट अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। रेड क्रॉस के सदस्यों ने किशोरियों के बीच जाकर माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता सत्र लिए और हाइजीन किट वितरण में सहयोग किया। रेड क्रॉस के सदस्यों ने भी हथेली पर रेड डॉट लगाकर ‘‘स्वास्थ्य ही सेवा है‘‘ के संकल्प को दोहराया।
सुशासन शिविर में भी गूंजा रेड डॉट का संदेश- जिले में चल रहे सुशासन शिविरों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। शिविरों में आने वाले ग्रामीणों, विशेषकर पुरुषों को भी माहवारी स्वच्छता के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से हथेली पर रेड डॉट लगाकर ‘‘चुप्पी नहीं, अब बात होगी‘‘ का संकल्प लिया।
गारमेंट फैक्ट्री की महिलाओं को मिली हाइजीन किट की सौगात- महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए बीजापुर की गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत सैकड़ों महिला श्रमिकों को महिला बाल विकास व जिला रेड क्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान मे माहवारी स्वच्छता किट- का वितरण किया गया। किट में सेनेटरी पैड, साबुन शामिल थी।
विभाग का संकल्परू हर बेटी तक पहुँचे सम्मान- जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग- ने बताया, रेड डॉट सिर्फ एक निशान नहीं, बल्कि सोच बदलने का प्रतीक है। बीजापुर में आंगनबाड़ी, मितानिन, बीजादूतीर, रेड क्रॉस और सुशासन तिहार - सभी माध्यमों से हम ये संदेश घर-घर पहुँचा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी किशोरी माहवारी के कारण स्कूल न छोड़े और हर महिला को सम्मान मिले।
अभियान की मुख्य झलकियाँ :
जागरूकता की चौशक्तिः आंगनबाड़ी + मितानिन + बीजादूतीर स्वयंसेवक + रेड क्रॉस
समग्र भागीदारीः किशोरी, महिला, पुरुष और विभागीय अमला एक साथ
कार्यस्थल पर पहलः गारमेंट फैक्ट्री में हाइजीन किट वितरण
नारा जो बना पहचानः- ‘‘माहवारी पर बात होगी खुलकर, तभी बेटियाँ बढ़ेंगी आगे बढ़कर‘‘ यह अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पोषण अभियान के उद्देश्यों को मजबूती देते हुए बीजापुर को पीरियड फ्रेंडली जिला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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