वैभव ने खुद को मैदान में साबित किया

Posted On:- 2026-06-01




सुनील दास

क्रिकेट के मैदान कुछ दशक पहले तक भले ही कुछ शहरों के क्रिकेट के खिलाडियों के लिए होते थे,जैसे राजनीति में परिवारवाद चलता है वैसे ही कुछ दशक पहले तक शहरवाद चलता था यानी कि किसी शहर का खिलाड़ी होने पर क्रिकेट के मैदान में उसका प्रवेश संभव होता था।दिल्ली,मुंबई,कर्नाटक जैसे कुछ ही शहरों के खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलने का मौका मिलता था बाकी खिलाड़ी रणजी खेलते हुए खत्म हो जाते थे,इंतजार करते थे कि उनको कब देश की टीम से खेलने का मौका मिलेगा।ऐसा नहीं है कि क्रिकेट की प्रतिभा पहले देश में नहीं थी, क्रिकेट की प्रतिभा तो पहले भी थी लेकिन सभी राज्यों के खिलाड़ियो के लिए मौके कम थे।आज जिस तरह हर उम्र,वर्ग के लिए अलग अलग प्रतियोगिताएं होती वैसी प्रतियोगिताएं नहीं होती थी।अवसर सीमित थे, प्रतियोगिताएं सीमित थीं। इससे प्रतिभावान खिलाड़ियों कोे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिलता था,आज हर क्षेत्र देश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है तो ऐसी ऐसी खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं कि लोगों को हैरत होती है कि हमारे देश में ऐसी खेल प्रतिभाएं हैं।

क्रिकेट के सबसे बड़े खुले मंच में इस सीजन के आईपीएल में ऐसी ही प्रतिभा सामने आई है नाम है वैभव सूर्यवंशी।वह ऐसे राज्य और ऐसे क्षेत्र से आता है जहां क्रिकेट के विकास का पूरा सिस्टम ही नहीं है।इससे लोगों को और हैरानी होती है कि बिहार से क्रिकेट की ऐसी प्रतिभा सामने आई है।उसे पिछले साल राजस्थान रायल ने कुछ मैचों में मौका दिया था तो उसने अपनी प्रतिभा की झलक कुछ मैचों में दिखाई थी।तब लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि इतनी कम उम्र में कोई ऐसी क्रिकेट खेल सकता है। सबको इंतजार था कि आईपीएल-२६ के सीजन मे यह लड़का क्या करता है।देश के क्रिकेट खिलाड़ियों में सबसे कम उम्र के इस खि्लाड़ी ने इस आईपीएल सीजन में मैदान में साबित किया कि वह इस देश के सबसे अच्छे क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक हैं। मैदान में इस बार भी कई टीमों ने नए खिलाड़ियों को मौका दिया लेकिन वैभव की तरह कोई खुद साबित नहीं कर सका।

वैभव के इस सीजन के आंकड़े ही इस बात की गवाही देते हैं कि वह सबसे अच्छा खिलाड़ी है तो क्यों है क्योंकि उसने मैदान में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं, सबसे ज्यादा छक्के लगाए हैं, सबसे कम गेंद में पचास रन बनाए है सबसे कम गेंद में शतक भी लगाया है। दूसरे खिलाड़ी सबसे ज्यादा चौके लगाते हैं तो वैभव चौके कम और छक्के ज्यादा लगाते हैं और वह भी इंटरनेशनल खेल चुके भारत व दूसरे देशों के बालरों को कि लोगों को आश्चर्य होता है कि यह ऐसा कैसे कर लेता है।वैभव ने बरसों पुराने रिकार्ड तोड़े हैं ऐसे रिकार्ड तोड़े हैं जिनके बार में कहा जाता था कि कोई तोड़ नहीं पाएगा क्योंकि पिछले १४ साल में देश मे कई महान खिलाड़ी तो पैदा हुए हैं लेकिन तमाम महान खिलाड़ी उस रिकार्ड को तोड़ नही पाए और वह रिकार्ड था वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी क्रिस गेल का।उन्होंने एक सीजन में ५९ छक्के लगाए थे,देशी व विदेशी खिलाड़ियों में से कोई आईपीएल के पिछले सीजन तक इस रिकार्ड के करीब नहीं जा सका था लेकिन वैभव ने अपने दूसरे आईपीएल सीजन में ही क्रिस गेल के इस रिकार्ड को तोड़ दिया और भारतीय खिलाड़ी का नया रिकार्ड बना दिया है एक सीजन में ७२ छक्कों का। अब इंतजार रहेगा कि इस रिकार्ड को कौन तोड़ता है।

वैभव ने आईपीएल में आरेंज कैप सहित पांच अवार्ड जीते है. ऐसा भी बहुत कम होता है कि कोई अनकैप्ड खिलाड़ी इतने अवार्ड जीते लेकिन वैभव ने पांच अवार्ड सबसे ज्यादा रन बनाकर आरेंज कैप अवार्ड,सबसे ज्यादा छक्के लगाकर सुपर सिक्सर अवार्ड, २३७.३ के स्ट्राइक रन बनाकर सुपर स्ट्राइकर,मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर,इमर्जिं प्लेयर का अवार्ड जीता है। एक बल्लेबाज जितने अवार्ड जीत सकता है, उतने सारे अवार्ड जीतकर भी वैभव ने एक नया रिकार्ड बनाया है क्योंकि इतनी कम उम्र में आज तक कोई आईपीएल में इतने अवार्ड नहीं जीत सका है।उनके क्रिक्रेट खेलने के तरीके की सभी बड़े खिलाड़ियों ने तारीफ की है। चारे सचिन हो, सहबाग हों,विराट हो, द्रविड हो,कुंबले हो,इरफान हो,सुनील गावस्कर,कपिलदेव हो, इसके अलावा विदेशों को बड़े खिलाड़ियों ने वैभव की प्रतिभा की खुलकर तारीफ की है और उसे भविष्य का अच्छा खिलाड़ी बताया है।

हर खेल को खेलने वाले बहुत खिलाड़ी होते हैं लेकिन ऐसे खिलाड़ी गिनती के होते हैं जिनको खेलते हुए देखने के लिए लोग इंतजार करते है कि वह किस दिन खेलेगा और उस दिन हमको मैच देखना है। इस सीजन में मैदान व टीवी के सामने लोगों ने वैभव का खेल देखने के लिए इंतजार किया है और उसके खेल की खूब तारीफ भी की है। एक समय गावस्कर, सचिन तेंदुलकर ही ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हुआ करते थे जिनके मैच देखने के लिए लोग टीवी चालू करते थे और उनके आउट होते ही बंद कर देते थे। वेभव के आने के बाद लोगों ने फिर से क्रिकेट मैच देखने के लिए इंतजार करना शुरू कर दिया है। इसकी सेंचूरी पूरी होने पर लोग खुश होते हैं और उसकी सेंचुरी पूरी नहीं होने पर दुखी होते हैं। वैभव की जीत उनको अपनी जीत लगती है, वैभव की हार उनको अपनी हार लगती है देश के लोगों का ऐसा जुड़ाव किसी खिलाड़ी से बहुत कम होता है इसलिए इन दिनों देश के लोगों के लिए वैभव खास है,वैभव अनमोल है,वैभव सबका प्यारा है।



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