भारतमाला मुआवजा घोटाला: आरोपी ठेकेदार के ठिकानों पर ED का छापा

Posted On:- 2026-06-16




धमतरी (वीएनएस)। भारतमाला मुआवजा घोटाले में आरोपी ठेकेदार दीपेश गांधी के मकान में ईडी ने मंगलवार को छापा मारा है। धमतरी के आमापारा स्थित मकान में ईडी की टीम सुबह से ही मौजूद है। घर के बाहर सीआरपीएफ के जवानों का पहरे लगा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, ED की टीम मंगलवार की सुबह ही धमतरी के आमापारा स्थित दीपेश गांधी के निवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि, भारतमाला परियोजना के मुआवजे से संबंधी घोटाले में गांधी के घर ED की टीम जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि, इससे पहले भी ED की टीम धमतरी, कुरूद और अभनपुर में इसी मामले को लेकर कई ठिकानों पर छापे मार चुकी है।  

मुआवजे के लिए धोखाधड़ी की चल रही जांच 
इससे पहीले के छापे के बारे में EDने बताया था कि, प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर ज़ोनल ऑफ़िस ने 3 जून को छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले के अभनपुर के रहने वाले जय प्रकाश गांधी को, भारतमाला हाईवे ज़मीन अधिग्रहण मुआवज़ा धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ़्तार किया है। ED ने छत्तीसगढ़ के ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर जाँच शुरू की थी। यह FIR भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए अधिग्रहित ज़मीन के मुआवज़े के वितरण में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित थी।

ज्यादा मुआवजा पाने के लिए मिलीभगत
ED की जाँच में पता चला कि, जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर, अधिसूचित हाईवे अलाइनमेंट (सीध) के दायरे में आने वाली ज़मीन को अधिग्रहित किया और बाद में उसे 500 वर्ग मीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँट दिया। आरोप है कि, ज़मीन का यह बँटवारा सिर्फ़ इस इरादे से किया गया था ताकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से ज़्यादा मुआवज़ा हासिल किया जा सके।

मिलना था 56.76 लाख, हासिल किए 9.83 करोड़
जाँच ​​में आगे यह भी पता चला कि, धोखाधड़ी के इस तरीके को अपनाकर, आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने, असल में मिलने वाली 56.76 लाख रुपये की रक़म के मुक़ाबले, लगभग 9.83 करोड़ रुपये का मुआवज़ा हासिल किया। इस तरह उन्होंने लगभग 9.27 करोड़ रुपये की 'अपराध से अर्जित संपत्ति' (Proceeds of Crime) जमा कर ली। जाँच में यह भी सामने आया है कि इस 'अपराध से अर्जित संपत्ति' को बाद में शेयरों, म्यूचुअल फ़ंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करके छिपाया और मुख्यधारा में मिलाया गया।

कई स्थानों पर मारे थे छापे
इससे पहले, ED ने 28.04.2026 को इस मामले में रायपुर, अभनपुर और धमतरी ज़िलों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान, मुआवज़े की धोखाधड़ी से प्राप्ति से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत बरामद कर ज़ब्त किए गए थे।



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