नैनो उर्वरक के उपयोग से ग्राम सरई टिकरा के किसान की कम लागत में लहलहा रहीं फसलें

Posted On:- 2026-06-22




दानेदार यूरिया का बेहतरीन विकल्प बना ’नैनो उर्वरक’, सुरक्षित हो रही मिट्टी और बच रहा परिवहन खर्च

अम्बिकापुर (वीएनएस)। आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान अब न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि खेती की लागत कम कर खेत की मिट्टी को भी सुरक्षित कर रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सरई टिकरा के प्रगतिशील किसान महेंन्द्र प्रसाद राजवाड़े ने। पिछले तीन वर्षों से खेती से जुड़े महेंद्र आज अपने क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक मार्गदर्शक बन गए हैं। उन्होंने पारंपरिक दानेदार यूरिया को छोड़कर ’नैनो उर्वरक’ का सफलतापूर्वक उपयोग किया है, जिससे उनकी फसलों की पैदावार में वृद्धि हुई है।

फसल चक्र और नैनो यूरिया का प्रभावी उपयोग : 

किसान महेंद्र राजवाड़े मुख्य सीजन में धान और गेहूं की खेती करते हैं। इसके बाद खाली समय का सदुपयोग करते हुए वे साग-सब्जियों का उत्पादन लेते हैं, जिनमें मुख्य रूप से भंटा (बैंगन), टमाटर, आलू, बरबटी और भिंडी शामिल हैं। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग को लेकर बताया कि वे प्रति एकड़ मात्र एक डिब्बा (बॉटल) नैनो यूरिया का छिड़काव करते हैं। इसके लिए स्प्रे टंकी में केवल तीन ढक्कन नैनो यूरिया मिलाया जाता है। इस विधि से तरल यूरिया का सीधा छिड़काव पौधों की पत्तियों पर होता है, जिससे पौधे इसे तुरंत सोख लेते हैं।

नैनो उर्वरक के प्रमुख फायदे : 

किसान महेंद्र राजवाड़े ने बताया कि पारंपरिक दानेदार यूरिया जमीन के नीचे जाकर उसे कठोर और बंजर बनाता है, जबकि नैनो यूरिया पौधों के ऊपरी भाग पर ही रहता है। इससे जमीन पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। दानेदार यूरिया की भारी बोरियों को लाने के लिए गाड़ियों और मजदूरों की आवश्यकता होती थी। इसके विपरीत, नैनो यूरिया की छोटी बोतलों को किसान आसानी से अपने झोले में रखकर ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारी-भरकम बोरियों के परिवहन और भंडारण पर होने वाला खर्च शून्य हो गया है, जिससे खेती की कुल लागत में काफी कमी आई है। इसके छिड़काव से फसलें अधिक हरी-भरी और चमकदार हो जाती हैं। नैनो यूरिया के उपयोग के बाद से सब्जियों और फसलों में कीड़े-मकौड़े लगने की समस्या भी न के बराबर रह गई है।

नैनो उर्वरक अपनाने की किसानों से अपील : 

कृषक महेंद्र राजवाड़े कहा कि नैनो यूरिया सीधे पौधों को उपजाऊ बनाता है और जमीन को बंजर होने से बचाता है। दानेदार के मुकाबले इसकी लागत कम है और इसे लाने-ले जाने में कोई परेशानी नहीं होती। मेरी सभी किसान भाइयों को यही सलाह है कि वे खेती में नैनो यूरिया का ही उपयोग करें ताकि हमारी जमीन भी सुरक्षित रहे और फसल भी अच्छी हो।

महेंद्र राजवाड़े जैसे किसान यह साबित कर रहे हैं कि सही जानकारी और आधुनिक उत्पादों के उपयोग से खेती को न केवल लाभ का सौदा बनाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण और मृदा संरक्षण में भी अहम योगदान दिया जा सकता है। नैनो उर्वरक की सहज उपलब्धता और इसके बहुआयामी फायदों के कारण अब क्षेत्र के अन्य किसान भी इसके उपयोग के लिए प्रेरित हो रहे हैं।




Related News
thumb

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई, अनियमितता पाए जाने पर ...

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायत पर कृषि विभाग कोण्डागांव द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र, कोण्डागांव के उर्वरक...


thumb

आर्टिफिशियल ज्वैलरी निर्माण का प्रशिक्षण, स्वरोजगार के गुर सीख रहीं...

रूरल सेल्फ इंप्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ग्रामीण स्वरोजगार विकास संस्थान) गरियाबंद एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत सढ़ौली...


thumb

महिला राजमिस्त्री बनकर गढ़ रहीं अपने सपनों का भविष्य

कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्...


thumb

जिले में खरीफ हेतु बीज भंडारण व वितरण की तैयारियां

खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने और कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां ...


thumb

बिहान महिलाओं ने बनाई प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं कृषि विभाग के सहयोग से ग्राम पेंड्रावन, जनपद पंचायत धमधा की महिलाओं ने जैविक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भरता...


thumb

कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय, साजा में उत्साह व उल्लास के साथ ...

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, साजा में भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गय...