नई दिल्ली/जकार्ता (वीएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच मंगलवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, डिजिटल भुगतान और सांस्कृतिक सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहमति बनी। दोनों देशों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), ब्रह्मोस मिसाइल, यूपीआई एकीकरण और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने सहित कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध साझा संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए नए समझौते भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देंगे।
इंडोनेशिया के लिए विकसित होंगी विशेष EVM
दोनों देशों ने भारत में विकसित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के अनुकूलित संस्करण के निर्यात को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत भारत, इंडोनेशिया की जरूरतों के अनुरूप विशेष ईवीएम विकसित करने में सहयोग करेगा। इसे भारत की चुनावी तकनीक और चुनाव प्रबंधन प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मिली बड़ी मान्यता माना जा रहा है।
ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों पर बढ़ेगा रक्षा सहयोग
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी। इंडोनेशिया ने भारत से अस्त्र मिसाइलों के आयात का निर्णय लिया है। वहीं, वह अपने ब्रह्मोस मिसाइल भंडार का विस्तार भी करेगा, जिसमें भारत अतिरिक्त बैटरियां और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
UPI होगा इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जुड़ा
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से एकीकृत होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा लोगों के बीच आर्थिक लेन-देन और अधिक सरल होगा।
महत्वपूर्ण खनिज और इस्पात क्षेत्र में निवेश
दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों और इस्पात क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर सहमति जताई। भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और दुर्लभ पृथ्वी (रेयर अर्थ) स्थायी चुंबकों के निर्माण में निवेश करेगा। इसके अलावा स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों के बीच नई साझेदारी भी विकसित की जाएगी।
टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक वर्ष मनाएंगे दोनों देश
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया के प्रथम शिक्षा मंत्री की हजर देवान्तारा को याद करते हुए घोषणा की कि दोनों देश टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा की शताब्दी को 'टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष' के रूप में मनाएंगे।
उन्होंने बताया कि बुधवार को राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर के संरक्षण परियोजना का शुभारंभ भी किया जाएगा, जो भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
सबांग बंदरगाह के विकास पर भी सहमति
दोनों नेताओं ने रणनीतिक महत्व वाले सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह भारत की समुद्री रणनीति और क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य समझौते एक नजर में
इंडोनेशिया के लिए विशेष EVM विकसित करने में भारत करेगा सहयोग।
भारत का UPI इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से होगा एकीकृत।
इंडोनेशिया भारत से अस्त्र मिसाइलों का करेगा आयात।
ब्रह्मोस मिसाइल भंडार विस्तार में भारत देगा सहयोग।
स्टील, निकेल और रेयर अर्थ खनिजों के क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।
सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास पर बनी सहमति।
'टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष' मनाएंगे दोनों देश।
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