तेहरान (वीएनएस)। ईरान ने बुधवार को अमेरिका द्वारा ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी राहत वापस लेने के फैसले की कड़ी निंदा की। तेहरान ने इसे 18 जून को हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद 10 का स्पष्ट उल्लंघन बताया और इस निर्णय के परिणामों के लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध की अस्थायी रोक को हटाने के कदम की कड़ी निंदा करता है। यह युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद 10 का गंभीर उल्लंघन है और इस वादाखिलाफी के परिणामों के लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराता है।
मंत्रालय ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के 20 दिन से भी कम समय बाद घोषित किया गया यह अमेरिकी फैसला वॉशिंगटन की दुर्भावनापूर्ण मंशा, अस्थिरता और अविश्वसनीयता को दर्शाता है। मंत्रालय ने आगे आरोप लगाया कि अमेरिका ने एमओयू के विभिन्न प्रावधानों का बार-बार उल्लंघन किया है, चाहे वह सीधे तौर पर हो या लेबनान के खिलाफ जियोनिस्ट शासन की कार्रवाइयों के माध्यम से। मंत्रालय के अनुसार, एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद से ईरान ने समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए और अपने दायित्वों को निभाते समय सद्भावना के साथ काम किया।
मंत्रालय ने कहा, एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग करते हुए ईमानदारी से अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का प्रयास किया है। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने हमेशा की तरह एक साथ अपने दायित्वों का उल्लंघन किया और विभिन्न बहानों के जरिए उन्हें सही ठहराने की कोशिश की।
इस घटनाक्रम को लेकर चेतावनी जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। बयान में कहा गया, अमेरिका द्वारा समझौते के उल्लंघन के परिणामों की चेतावनी देते हुए, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय अपने हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक समझे जाने वाले सभी कदम उठाएगा।
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