नागौर (वीएनएस)। राजस्थान में नागौर जिले के मकराना स्थित अरावली पॉलीगॉन क्षेत्र के कालानाडा खनन इलाके में गुरुवार तड़के भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। लंबे समय से जारी कथित अनियंत्रित अवैध खनन के बीच एक के बाद एक करीब छह खदानें ध्वस्त हो गईं। हादसे में कालानाडा-कटाणी मार्ग का बड़ा हिस्सा सैकड़ों फीट गहरी खदानों में समा गया, जिससे मकराना से करीब 10 गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
गनीमत रही कि हादसे के समय खदानों में काम बंद था और सड़क पर कोई आवाजाही नहीं थी, जिससे जनहानि टल गई। हालांकि सड़क ध्वस्त होने से ग्रामीणों की आवाजाही और दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों ने लगाया अवैध खनन का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पॉलीगॉन क्षेत्र की खदानों में पिछले डेढ़ साल से खनन माफिया नियमों की अनदेखी कर सड़क और आसपास की कृषि भूमि के नीचे तक खुदाई कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस संबंध में शिकायतें की गई थीं और उपखंड अधिकारी ने खनिज विभाग को सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हादसे के बाद जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही वृत्ताधिकारी विक्की नागपाल और थाना प्रभारी पंकज विश्नोई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कारण को लेकर अलग-अलग दावे
हादसे के बाद जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। खनिज विभाग के अभियंता ललित मंगल ने सड़क धंसने के लिए नगर परिषद की सीवरेज पाइपलाइन में लीकेज और भारी बारिश से हुए कटाव को जिम्मेदार बताया।
वहीं पंचायत समिति प्रधान सुमिता खींचड़ ने खनिज विभाग पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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