एमसीबी (वीएनएस)। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार एवं नम्रता डोंगरे की अध्यक्षता में जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आज ग्राम पंचायत लाई स्थित अमृतधारा डीपीआरसी भवन के सभाकक्ष में हुई। बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेंद्र सिंह सारथी, इंदिरा मिश्रा सहित समस्त तहसीलदार मौजूद रहे।
इस बैठक में राजस्व विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अपर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्र के लंबित प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध सेवा वितरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अपर कलेक्टर ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित नामांतरण, खाता विभाजन, विवादित एवं अविवादित प्रकरण, त्रुटि सुधार, सीमांकन, व्यपवर्तन तथा वृक्ष कटाई अनुमति संबंधी मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही ई-कोर्ट प्रणाली के माध्यम से राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी ऑनलाइन प्रक्रियाओं का प्रभावी उपयोग करें तथा ई-कोर्ट से संबंधित लंबित कार्यों का समय पर निराकरण करें।
उन्होंने आगे कहा कि नक्शा बंटांकन एवं मैनुअल नक्शा संशोधन के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। भूमि अभिलेखों में किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करते हुए अद्यतन एवं शुद्ध रिकॉर्ड तैयार रखा जाए। इसके अलावा मॉडर्न रिकॉर्ड रूम की प्रगति में तेजी लाई जाए। सभी अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण एवं डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि आवश्यकतानुसार रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सकें। साथ ही स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति अभिलेखों का सही एवं अद्यतन रिकॉर्ड तैयार कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने आगे कहा कि "एग्रीस्टैक" योजना के अंतर्गत किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं डेटा सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। कृषि संबंधी डिजिटल सेवाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
अपर कलेक्टर ने कहा कि ऑटो डायवर्सन की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा पात्र प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। साथ ही माननीय उच्च न्यायालय के प्रकरण W.P.C. 1333/2018 के पालन प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत किए जाएं। न्यायालयीन आदेशों की शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिले के लैंड बैंक की नियमित समीक्षा करते हुए उपलब्ध शासकीय भूमि का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार रखा जाए। विकास कार्यों एवं औद्योगिक निवेश के लिए भूमि संबंधी जानकारी हमेशा अद्यतन होनी चाहिए।
इसके साथ ही अपर कलेक्टर ने कहा कि APAR (Online) समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा अधिकारियों द्वारा लंबित ऑनलाइन प्रविष्टियों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
अपर कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी I-GOT प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। शासन द्वारा संचालित ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित अवधि में प्रशिक्षण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही Exempted Category में पंजीकृत किसानों का सत्यापन कर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाए। अपात्र व्यक्तियों का नाम सूची से हटाने तथा पात्र किसानों को लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
वहीं अभिलेख दुरुस्ती, नामांतरण पंजी की सांख्यिकीय जानकारी, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की उपलब्धता, आधार एवं मोबाइल नंबर की प्रविष्टि तथा अभिलेख शुद्धता का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। सभी राजस्व रिकॉर्ड त्रुटिरहित एवं अद्यतन रखे जाएं।
अपर कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल किसान किताब की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसानों को डिजिटल सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वन अधिकार पत्र (FRA) संबंधी लंबित प्रकरणों का गंभीरता से निराकरण किया जाए तथा FRA Web GIS Portal में आवश्यक जानकारी समय पर अद्यतन की जाए।
अपर कलेक्टर ने आगे कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी सेवा में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अपर कलेक्टर ने कहा कि लोक आयोग एवं भू-अर्जन से संबंधित लंबित प्रकरणों, अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेखों में संशोधन तथा बंटवारे में छूटे हुए खातों के संधारण का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री जनदर्शन, जन शिकायत एवं ई-समाधान पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक के अंत में अपर कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक राजस्व कार्य का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन करें, ताकि आम नागरिकों को त्वरित एवं सुगम राजस्व सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
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