एमसीबी (वीएनएस)। जिले में वर्षाकाल के दौरान डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, जनजागरूकता अभियान तथा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) 2026 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, जिले के सभी एसडीएम, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान डायरिया, उल्टी-दस्त, मलेरिया, डेंगू एवं जलजनित बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए रोकथाम एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं, ओआरएस पैकेट, जिंक टेबलेट तथा अन्य आवश्यक औषधियों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में उपचार प्रभावित न हो।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों एवं ग्राम स्तर पर पर्याप्त मात्रा में ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए जाएं तथा दस्त या डायरिया से प्रभावित बच्चों को समय पर ओआरएस घोल एवं जिंक की गोलियां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ओआरएस और जिंक का समय पर उपयोग बच्चों को डायरिया से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचाने में अत्यंत प्रभावी है। स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर भी लोगों को ओआरएस घोल बनाने एवं उसके उपयोग की सही जानकारी दे।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सभी पेयजल स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि हैंडपंप, नल जल योजना, जल टंकियों एवं अन्य पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन किया जाए तथा पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जाए, ताकि लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया कि शहरों एवं गांवों में नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई, कचरा निष्पादन एवं स्वच्छता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को सामुदायिक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छता, हाथ धोने की आदत, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, खुले में शौच से बचाव, शौचालय के नियमित उपयोग तथा डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना किसी भी स्वास्थ्य अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी नियमित रूप से प्रदान करने के लिए कहा गया।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस ( National Deworming Day-NDD) 2026 की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 10 अगस्त 2026 को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में कृमिनाशक दवा का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा (एल्बेंडाजोल) की आधी गोली घोलकर पिलाई जाएगी। 2 से 3 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली घोलकर पिलाई जाएगी। वहीं 3 से 5 वर्ष के बच्चों को एक पूरी गोली तथा 5 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली खिलाई जाएगी। यह दवा प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में निर्धारित मानकों के अनुसार आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं विद्यालयों में दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि 10 अगस्त को यदि कोई बच्चा अनुपस्थित रहता है या किसी कारणवश दवा नहीं ले पाता है, तो ऐसे सभी बच्चों को 17 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप राउंड के दौरान कृमिनाशक दवा अनिवार्य रूप से खिलाई जाए, ताकि अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकायों तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा डायरिया रोकथाम अभियान एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे एवं प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
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